- कुशीनगर के महंत अवैद्यनाथ नगर वार्ड में करोड़ों रुपये से बना है प्लांट
- करीब डेढ़ वर्ष पूर्व नगरपालिका को हो चुका है हस्तांतरित
- प्रतिदिन 55 टन कचरे के प्रसंस्करण की क्षमता
- प्रतिदिन पांच टन मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी भी है बना
पकवा इनार (कुशीनगर)। नगर पालिका परिषद कुशीनगर के महंत अवैद्यनाथ नगर वार्ड में करोड़ों की लागत से नवनिर्मित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट हस्तांतरित होने के बावजूद सक्रिय नहीं है। इसे क्रियाशील करने के लिए अभी एसएलएफ (साइंटिफिक लैंड फिल) का निर्माण किया जाना है। इसके निर्माण के लिए सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लॉट के आसपास कम से कम दो एकड़ जमीन की दरकार है, लेकिन वर्तमान में पालिका के पास जमीन उपलब्ध नहीं है। हालांकि जमीन की उपलब्धता के लिए पालिका प्रशासन व नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव स्तर पर जिला प्रशासन से लगातार बातचीत और जरूरी कागजी कार्रवाई चल रही है।
पालिका प्रशासन के अनुसार कुछ दिन पूर्व संचालन के लिए शासन स्तर पर टेंडर हुआ था, लेकिन वह निरस्त हो गया है। फिर से टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बता दें कि, जल निगम की कार्यदायी इकाई कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) ने तीन करोड़ से अधिक की लागत से नगर पालिका परिषद कुशीनगर के वार्ड नंबर 22 महंत अवैद्यनाथनगर (सिसवा महंत) में एक एकड़ भूमि पर प्रोसेसिंग एरिया, कंपोस्ट, प्यूरिंग एरिया, शौचालय, चहारदीवारी, गोदाम, गार्ड रूम बनाकर तैयार किया है। पालिका प्रशासन के अनुसार कार्यदाई इकाई ने इसे करीब ड़ेढ़ वर्ष पहले हस्तांतरित कर चुकी है।
नवनिर्मित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में प्रतिदिन 55 टन कूड़े-कचरे को विध्वंस व निर्माण प्रसंस्करण संयत्र के माध्यम से करने की है। इसके अलावा यहां प्रतिदिन पांच टन मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी के लिए भी सेंटर का निर्माण हुआ है, लेकिन वर्तमान में सिर्फ नगर पालिका के 27 वार्डों से निकलने वाले करीब 35 से 40 टन प्रतिदिन निकलने वाले गीले, सूखे व अन्य कचरे को अनकवर्ड एरिया में ढेर लगाया जा रहा है। यह प्लांट कसया-देवरिया मार्ग के किनारे है।
पालिका के प्रयासों के बावजूद कचरे के लगे ढेर से जहरीली दुर्गंध हवा में फैल रही है। इसके रोकथाम के लिए कोई ठोस प्रबंध नहीं है। वहीं, पालिका कूड़े के ढेर को जेसीबी मशीन से लगातार एकत्र व ऊपर चढ़ाने का काम कर रहा है। ब्लीचिंग पाउडर व दवा छिड़काव का काम कर रहा है, लेकिन यह सब प्रयास नाकाफी साबित हो रहा है।
यह होता है साइंटिफिक लैंड फिल
कचरा प्रबंधन की एक ऐसी सुव्यवस्थित सुविधा है, जो पर्यावरण की रक्षा के लिए हानिकारक तरल लीचेट को नियंत्रित करने के लिए लाइनर सिस्टम, गैस उत्सर्जन की नियंत्रित करने के लिए मीथेन संग्रह प्रणाली और भूजल की निगरानी प्रणाली होती है। जिससे प्रदूषण को रोका जा सके और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
कचरे से खाद बनाने की है योजना
नवनिर्मित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लॉट में कूड़े-कचरे से जैविक खाद बनाई जाएगी, जिसका उपयोग किसान कर सकेंगे। वही, यह सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के संचालन के लिए एजेंसी पर भी निर्भर करेगा। इसका उपयोग कचरे के निस्तारण के साथ उत्पाद तैयार करना है।
नवनिर्मित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के संचालन के लिए शासन स्तर से एजेंसी को टेंडर हो चुका था, लेकिन किन्हीं कारणों से निरस्त हो गया है। अब फिर टेंडर प्रक्रिया में है। कचरे के प्रसंस्करण के लिए संयंत्र लगाए जाने हैं। इसके लिए कम से कम दो एकड़ जमीन चाहिए,जो मौजूदा समय में पालिका के पास नहीं है। जिला प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराए जाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। किरन जायसवाल, चेयरमैन, नगर पालिका, कुशीनगर
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सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लॉट के संचालन के लिए साइंटिफिक लैंड फिल निर्माण में जमीन की दरकार है। नगर पालिका जिला प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने के लिए कागजी कार्रवाई व बातचीत कर रही है। फिलहाल अब तक आवश्यक जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। संभावना है कि जल्द जमीन मिल जाएगी। - अंकिता शुक्ला, ईओ, नगर पालिका, कुशीनगर