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Kushinagar News: कुख्यातों की शह पर पूरब से पश्चिम तक हो रही तस्करी

Fri, 27 Dec 2024 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कुशीनगर। गोरखपुर में सोमवार रात जगह-जगह बवाल करने वाले पशु तस्करों को पुलिस ने मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। इसमें दो तस्कर पडरौना क्षेत्र के रहने वाले थे। जबकि, गाड़ी हनुमानगंज के मालिक की थी। यह पहला मामला नहीं है जब स्थानीय युवक तस्करी के आरोप में पकड़े गए हैं। बल्कि, कुख्यात सरगनाओं की शह पर पूर्वांचल और बिहार में उत्पात मचाते रहे हैं। कई बार पड़ोसी गोपालगंज में अन्य जिलों के पशु तस्करों के साथ पकड़े गए हैं।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मुजफ्फरपुर, शामली, रामपुर, मेरठ आदि जगहों से कुशीनगर के राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते बिहार और फिर बंगाल तक तस्करी जारी है।इधर, लगातार दरभंगा, मुजफ्फरपुर में बैठे सरगनाओं की शह पर स्थानीय तस्कर अलग-अलग जगहों पर उत्पात मचा रहे हैं। गोरखपुर में उत्पात मचाने वाले कुशीनगर के तस्करों को गोरखपुर पुलिस ने दबोचा। इनके साथ आंबेडकर नगर के तस्कर भी थे। सूत्रों की मानें तो कुबेरस्थान के रास्ते कठकुइयां होते हुए पश्चिम चंपारण के बगहा मधुबनी में पशुओं को भोर में दाखिल करा दिया जाता है। इसके अतिरिक्त तमकुही रोड होते हुए ठकरहां और बनकटा होते हुए भी पशुओं को पश्चिम चंपारण के बेतिया और गोपालगंज के रास्ते भी पशु तस्करी की जा रही है। इसमें स्थानीय तस्करों की भूमिका कारगर होती है।
एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि पशु तस्करों को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। इनके गिरोह में शामिल तस्करों को ट्रेस कर कार्रवाई की जा रही है। कुशीनगर के अलावा गैर जनपदों के पशु तस्करों का रैकेट सक्रिय है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई जारी है।
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...इसलिए भी स्थानीय तस्करों की मदद लेते हैं कुख्यात सरगना

-मुजफ्फरपुर, दरभंगा आदि बिहार के जिलों में बैठे पशु तस्कर के बड़े सरगना कुशीनगर जिले के तस्करों से गठजोड़ करने में अधिक विश्वास रखते हैं, जिसके लिए उन्हें बड़े-बड़े टास्क दिए जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुख्यात तस्करों का गिरोह जिले और आसपास के पशुओं को बिहार और फिर बंगाल तक पहुंचाने के लिए स्थानीय तस्करों की मदद लेता है। चरवाहे की आड़ में भी भोर में लिंक सड़कों से पशुओं को बिहार में दाखिल कराया जाता है। रेकी से लेकर जिले और आसपास की सीमा का बेहतर ज्ञान रखने की वजह से भी पूछ भी खूब रहती है। पश्चिमी यूपी से आने वाले पशुओं से भरी गाड़ियों और पूर्वांचल में घर के बाहर बंधे पशुओं को रेकी कर चुराने की जिम्मेदारी भी उन्हें दी जाती है। इसके अलावा वह बिना किसी भय के खाकी पर भी हमला करने से नहीं कतराते। गोपालगंज जिले में पिछले माह में ऐसे कई तस्कर गोपालगंज और बगहा में पकड़े गए हैं जो स्थानीय तस्करों के साथ मिलकर करोड़ों के पशुओं की ढुलाई करते बलथरी चेकपोस्ट पर पकड़े जा चुके हैं।
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पहले भी गोरखपुर में स्थानीय तस्करों की सुनाई देती रही है धमक
-गोरखपुर में पुलिस से दुश्मनी मोल लेने की घटना पहली नहीं है। जब कुशीनगर के तस्करों ने गोरखपुर में जाकर पशुओं को चुराते हुए पकड़े जाने पर विरोध करने पर पत्थरबाजी और फायरिंग की हो। इससे हले भी दो साल पूर्व भी पशु तस्करों के स्थानीय गैंग ने गोरखपुर जिले की पुलिस को खूब छकाया था। जब भी पुलिस टीम इन्हें पकड़ने का प्रयास करती तो पत्थरबाजी कर गैंग के सदस्य पुलिस के हाथों से बच निकलते थे। तब कुबेरस्थान के सरगना की शह पर तस्करी की बात सामने आई थी।

शामली में करोड़ी मार्ग पर गिरा  दो मंजिला मकान।संवाद

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