मेडिकल कॉलेज में बमारी का परीक्षण करते चिकित्सक। संवाद
पडरौना। मौसम के बदलते मिजाज और तापमान में आ रहे उतार-चढ़ाव ने लोगों की त्वचा पर बुरा असर डालना शुरू कर दिया है। हालात यह हैं कि मेडिकल कॉलेज की चर्म रोग ओपीडी में पिछले 15 दिनों से मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या भी पहले से अधिक हो गई है। चिकित्सकों ने बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
फरवरी में ही मौसम के तेवर बदल गए, दिन में तेज धूप हो रही और रात में मौसम सर्द बना हुआ है। वहीं, अब मार्च आते ही धूप तल्ख हो गई है। इसका असर त्वचा पर पड़ रहा है। मौसम के इस बदलाव से त्वचा में संक्रमण की समस्या बढ़ गई है। लोग फंगल इंफेक्शन, एलर्जी, दाद-खाज और त्वचा पर लाल चकत्तों की शिकायत से परेशान हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भी बीते 15 दिनों में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जहां अभी तक 100 के करीब मरीज आ रहे थे तो अब ओपीडी में हर रोज 150 से 200 तक मरीज पहुंचने लगे हैं। चर्म रोग चिकित्सक डॉ. ममता यादव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तापमान में काफी उतार-चढ़ाव हुआ है। दिन के समय निकलने वाली तेज धूप और वातावरण में नमी के कारण लोगों को दाद, खाज, खुजली और एलर्जी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बदलते मौसम में त्वचा बेहद संवेदनशील हो जाती है। दिन की तेज धूप और पसीने के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सावधानी बरतना ही सबसे बड़ा बचाव है।