फाजिलनगर। कस्बा के सठियांव स्थित राम जानकी मंदिर परिसर में राम महायज्ञ के आठवें दिन रात में रामलीला का मंचन हुआ। रामलीला कलाकारों ने सीता हरण का मंचन किया।
श्रीराम दरबार की आरती के बाद शुरू हुए रामलीला मंचन के दौरान सोने का मृग देखकर माता सीता भगवान श्रीराम से उसे पाने की जिद करती हैं। उनकी जिद पर श्रीराम मायारूपी मृग का पीछा करते हुए दूर जंगल में पहुंचे जाते है। कुछ देर बाद हाय राम हाय राम का आवाज सुनाई देता है। यह सुन सीता परेशान हो जाती हैं। वे लक्ष्मण को भगवान राम की मदद के लिया भेजती है। लक्ष्मण जाते समय तीर से कुटिया के चारों तरफ लक्ष्मण रेखा खींच कर माता सीता से किसी भी स्थिति में रेखा को पार कर दूसरी तरफ जाने से मना करने का आग्रह कर बन में चल देते है। इसी समय रावण साधु का रूप धारण कर माता सीता के बाद भिक्षा मांगने आते हैं और उनका हरण कर लेते हैं। रामलीला मंचन का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र कुमार कुशवाहा ने किया। मंच का संचालन गुलाब सिंह ने किया।
इस दौरान हरिशंकर सिंह, उमेश सिंह, प्रधान दीपक सिंह, अमर सिंह, उमेश पांडेय, आनंद सिंह, राणा प्रताप आदि मौजूद रहे।