पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को डीएम महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक बुधवार की देर शाम को हुई। डीएम ने जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार के मंशा के अनुसार जो काम नहीं करेगा, उसकी खैर नहीं है।
वैध, अवैध और रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने वाले निजी अस्पतालों की सूची सार्वजनिक करें। मेडिकल कॉलेज में सक्रिय दलालों पर शिकंजा कसें, ऐसा नहीं होने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। सरकारी डॉक्टर अगर निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं तो उनकी भी सूची बनाकर प्रस्तुत की जाए। इसके अलावा संस्थागत प्रसव, आशा बहुओं के भुगतान, बच्चों के टीकाकरण, गर्भवती माताओं की जांच, मंत्रा पर डाटा फीडिंग, मातृ मृत्यु, शिशु मृत्यु रिपोर्टिंग, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जन्म पंजीकरण, गर्भवती मां के उपचार की स्थिति की समीक्षा हुई।
डीएम ने कहा कि आशा बहुओं के कार्यों की मॉनिटरिंग करें, कौन आशा कार्य करती हैं कौन नहीं करती हैं। कहा कि अगर सीएचसी के अधीक्षक कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। तमकुहीराज में पंजीकृत हॉस्पिटल की जानकारी लेने पर पता चला कि दो ही हॉस्पिटल पंजीकृत हैं।
उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिया कि अगले दस दिनों में जिले में संचालित पंजीकृत हॉस्पिटल, अपंजीकृत हॉस्पिटल, तथा पंजीकरण के लिए गए आवेदन की तीनों की सूची प्रस्तुत करें। सीएचसी के अधीक्षक तीनों प्रकार के हॉस्पिटलों की सूची तैयार करेंगे।यदि कोई छूटता है तो उसकी जिम्मेदारी सीएचसी अधीक्षक की होगी। आए दिन अवैध हॉस्पिटलों में मरीजों की मौत की खबरें आती हैं और विभाग की ओर से कार्रवाई करने की सूचना मिलती है। अब ऐसा नहीं चलेगा अवैध अस्पतालों पर अभियान चलाकर कार्रवाई करें। मेडिकल कॉलेज/जिला अस्पताल में दलालों का बर्चस्व तोड़ा जाए, अगर इसमें लापरवाही हुई तो प्रश्रय देने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई होगी।