पडरौना। कृषि विभाग की तरफ से जिले में उर्वरक की कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभाग की टीम ने बुधवार को क्षेत्र के बाड़ीपुल के पास एक उर्वरक बिक्री केंद्र की जांच की गई। जांच के दौरान दुकानदार उर्वरक बिक्री का लाइसेंस नहीं दिखा सका, जिसको गंभीरता से लेते हुए दुकान को सील कर दिया गया।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका ने कहा कि इस समय खरीफ की फसलों की बुआई और धान की रोपाई युद्ध स्तर पर चल रही है। ऐसे में किसानों को निर्धारित दर एवं उच्चगुणवत्ता युक्त उर्वरक उपलब्ध हो इसके लिए विभाग की तरफ से अभियान चलाकर कालाबाजारी एवं उर्वरकों के अवैध भंडारण को रोकने के लिए टीम गठित कर जांच की जा रही है। इसके तहत बुधवार को जिले में भ्रमण करते हुए बाड़ी पुल स्थित मां दुर्गा किसान सेवा केंद्र की जांच की गई।
जांच के दौरान बिक्री केंद्र से पोटाश और जिंक का एक नमूना एकत्र किया गया। इस दौरान विक्रेता से उर्वरक प्राधिकार पत्र मांगा गया तो उनकी तरफ से उर्वरक बिक्री के संबंध में कोई भी अभिलेख या उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। वह अकारण हीलाहवाली करते हुए वहां से भाग निकला।
इसको गंभीरता से लेते हुए उप निरीक्षक उज्जवल गौड़ के मौजूदगी में सहायक विकास अधिकारी कृषि संतोष कुमार यादव ने दुकान को सील कर दिया। इस कार्रवाई से जिले में बिना लाइसेंस के उर्वरक बिक्री करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है।