पडरौना। जिले में एमओआईसी समेत 26 चिकित्सकों के स्थानांतरण आदेश ने स्वास्थ्य विभाग ने नियमों को दरकिनार कर दिया है। इस तबादले में छह सात साल से अधिक समय से एक ही सीएचसी पर जमे प्रभारियों में से किसी को नहीं बदला गया है, जबकि दो या उससे कम साल पहले प्रभारी बनाए गए डॉक्टरों को हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने अपने स्तर से तबादले की सूची तैयार कर सीएमओ की सहमति ले ली है।
सीएमओ ने 26 चिकित्सकों का स्थानांतरण आदेश बुधवार को जारी किया था। इसमें पांच सीएचसी के एमओआईसी हैं। तीन एमओआईसी को डिप्टी सीएमओ बनाया गया है। अब स्वास्थ्य विभाग में नयी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। विभाग के लोगों का कहना है कि स्थानांतरण का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता लाना था तो सबसे पहले लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को हटाया जाना चाहिए था। लेकिन, जारी सूची में ऐसा नहीं है। चर्चा है कि वर्षों से एक ही सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रभारी के रूप में जमे अधिकारियों को यथावत छोड़ दिया गया, जबकि हाल के वर्षों में तैनात हुए प्रभारियों को उनके कार्यस्थल से हटा दिया गया। इससे तबादले की प्रक्रिया पर पक्षपात और मनमानी के भी आरोप लग रहे हैं। सबसे अधिक चर्चा एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी के तबादले को लेकर है।
कोट-
-डीएचएस की बैठक में यह निर्णय लिया गया था। लंबे समय से एक स्थान पर जमे सभी स्वास्थ्यकर्मियों का स्थानांतरण किया जाएगा। सभी की सूची तैयार की जा रही है। पहले फेज में 26 स्वास्थ्यकर्मियों तबादला हुआ है। -डॉ चंद्र प्रकाश, सीएमओ