कुशीनगर। मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड से नवजात गायब होने के बाद जांच तेज हो गई है। सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव के निर्देश पर डीडीओ अरुण कुमार पांडेय बृहस्पतिवार को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां दलालों का मकड़जाल देखा और ड्यूटी पर तैनात नर्सों पर रुपये वसूलने का आरोप तीमारदारों ने लगाया। मानक से अधिक एसएनसीयू वार्ड में नवजातों को भर्ती किया गया था। मेडिकल कॉलेज कैंपस के आस-पास निजी अस्पतालों का एंबुलेंस दिखा, वहीं एमसीएच विंग के लिफ्ट, बिजली आपूर्ति खराब मिली। मैनुअल पर्चा बनाया जा रहा था और डीप-फ्रीजर का बिजली के अभाव में कूल चेन मेंटेन नहीं हो रहा है इससे टीका खराब होने का भी अंदेशा है।
मेडिकल कॉलेज में सुबह करीब 11 बजे डीडीओ पहुंचे। इनके पहुंचने के बाद मेडिकल कॉलेज के आस-पास लगे निजी अस्पतालों के एंबुलेंस लेकर चालक भाग निकले। वह एसएनसीयू वार्ड में प्राचार्य डॉ. आरके शाही के साथ पहुंचे, जहां पता चला कि 30 की जगह 65 नवजातों को वार्मर पर भर्ती किया गया है, जो क्षमता से अधिक है। बाहर मौजूद तीमारदारों ने आरोप लगाया कि दूध पिलाने या नवजात को दिखाने के लिए नर्सें रुपये वसूलती हैं। एमसीएच विंग के संचालित महिला अस्पताल की जांच में पता चला कि बिजली आपूर्ति की व्यवस्था ठीक नहीं है। इस लिए मैनुअल मरीजों का रजिस्ट्रेशन पर्ची बन रहा है। लाखों रुपये का डी-फ्रीज में रखा गया टीका कोल्डचेन मेंटेन नहीं होने से खराब हो सकता है। लिफ्ट खराब पड़ा था वार्डों में साफाई का अभाव और एसएनसीयू वार्ड में तैनात डॉक्टर का मरीजों से बातचीत करने का व्यवहार ठीक नहीं मिला। एक घंटे की जांच में दलालों का मकड़जाल फैलने और इलाज के नाम पर रुपये वसूलने का मामला सामने आया। डीडीओ ने अपनी रिपोर्ट सीडीओ को भेज दिया है।
- मेडिकल कॉलेज में दलालों का नेटवर्क सक्रिय है। एसएनसीयू वार्ड में भर्ती नवजात के मरीजों से रुपये नर्सें वसूलती हैं, डॉक्टर व अन्य स्टाफ का व्यवहार मरीजों के साथ ठीक नहीं है। निजी अस्पतालों के एंबुलेंस मेडिकल कॉलेज के आस-पास मिले, एमसीएच विंग की बिजली व्यवस्था खराब मिली। इसकी रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी गई है। वरुण कुमार पांडेय, डीडीओ कुशीनगर