पडरौना। जिले में ईंधन की आपूर्ति मौजूदा समय में बेपटरी हो गई है, इसके चलते तमाम पेट्रोल पंप डीजल व पेट्रोल के अभाव में ड्राई हो गए हैं। इसका असर शहर से लेकर देहात तक देखने को मिल रहा है।
स्थिति यह है कि पिछले तीन दिनों से पेट्रोल पंपों पर नो स्टॉक के बोर्ड लगा दिए गए हैं,इससे डीजल के लिए पहुंचने वाले ग्राहकों व किसानों को बिना ईंधन आपूर्ति के ही लौटना पड़ रहा है। इससे ट्रैक्टरों के पहिए भी थम गए हैं,जिसके चलते खेती व कृषि से संबंधित कार्य भी प्रभावित हो हो रहे हैं। यह मामला तमकुहीरोड से लेकर खड्डा तक पेट्रोल पंपों पर बनी हुई है।
तमकुहीराज, सेवरही, सपहा, खड्डा, नेबुआ नौरंगिया आदि जगहों पर पेट्रोल पंपों पर डीजल की आपूर्ति व्यवस्था ठीक नहीं है। इन पंपों पर नो स्टॉक का बोर्ड लगाकर कर्मी आराम फरमा रहे हैं। जरूरतमंद किसान व ट्रैक्टर चालकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि अगर डीजल की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो उनकी परेशानी उत्तरोत्तर बढ़ती जाएगी।
वहीं, पेट्रोल पंप संचालकों के मुताबिक, तेल कंपनियों की तरफ से मांग की अपेक्षा आपूर्ति में 30 फीसदी की कटौती से दिक्कत है। इससे एक महीने में करीब 90 हजार लीटर डीजल की आपूर्ति एक पेट्रोल पंप की कम होगी। शुक्रवार को तमकुहीरोड, सपहां, खड्डा, नेबुआ नौरंगिया व सपहा में पंपों में डीजल नहीं था।
बताया जा रहा है कि आपूर्ति में कटौती खत्म होने के बाद ही सुधार होने की उम्मीद है। नाम न छापने की शर्त पर एक पेट्रोल पंप संचालक ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमत बढ़ गई है। फिर भी यहां कोई वृद्धि नहीं हुई। इससे तेल कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके चलते उन्हें तेल की कम आपूर्ति की जा रही है। कीमत बढ़ाकर ही हालात को नियंत्रित किया जा सकता है।ो
कसया-तुर्कपट्टी मार्ग स्थित बंद पड़ा पेट्रोल पंप।स्रोत-सोशल मीडिया- फोटो : Archive