पडरौना। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय एससी एसटी एक्ट ने वर्ष 1995 में हाटा थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव में जाति सूचक शब्द का प्रयोग कर मारपीट करने के मामले में सजा सुनाई है। न्यायालय ने इस मामले में सात आरोपियों को पांच-पांच साल सश्रम करावास की सुनाई है।
वादी मुकदमा ओमप्रकाश हरिजन ने तीन मई 1995 को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वे आबादी की जमीन में पक्का मकान बनवा रहे थे। सुबह करीब नौ बजे गांव बालकुवर सिंह, राधेश्याम, रमाशंकर, रामदयाल, भगवान दास वर्मा, मेघनाथ गुप्ता, बुद्धू सिंह वहां आए निर्माण कार्य का विरोध करते हुए उन्हें जाति सूचक शब्द बोलने लगे। विरोध करने पर उन पर फरसा से हमला कर उनके साथ मारपीट करने लगे। बीचबचाव करने आए उनके भाई रामाशीष, उमाशंकर, छोटेलाल और उनकी मां भगवती व पत्नी के साथ भी उन लोगों ने मारपीट की। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय एससीएसटी एक्ट इफराक अहमद की न्यायालय ने सभी सातों आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक आरोपी को पांच-पांच साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सभी आरोपियों को जिला कारागार देवरिया भेज दिया गया है।