कप्तानगंज। गोरखपुर कैंट से वाल्मीकि नगर के बीच रेल लाइन दोहरीकरण के तहत उनौला और पिपराइच रेलवे स्टेशनों के बीच सोमवार को हुए स्पीड ट्रायल के बाद रेल प्रशासन ने मंगलवार तक रूट की सात जोड़ी सवारी गाड़ियों काे रद्द कर दिया। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेल लाइन दोहरीकरण के चल रहे कार्य के चलते तीसरे दिन मंगलवार को गोरखपुर-नरकटियागंज रूट की चार जोड़ी और गोरखपुर-थावे रूट पर चलने वाली चार जोड़ी सवारी गाड़ी का गोरखपुर की जगह कप्तानगंज से ही संचालन हुआ। इसके चलते गोरखपुर जाने वाले यात्रियों को सड़क मार्ग से अधिक भाड़ा देकर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
बिहार के रहने वाले राकेश निषाद ने कहा कि उसे दिल्ली जाना है। उन्होंने गोरखपुर में सत्याग्रह ट्रेन में आरक्षण कराया है। दिक्कत यह है कि स्टेशन से ट्रेनें गोरखपुर के लिए नहीं जा रही हैं। ऐसे में सिर्फ सड़क मार्ग ही पहुंचने का एक विकल्प बचा हुआ है। इसकी जानकारी होती तो यहां न आकर सीधे गोरखपुर ही चला गया होता।
बिहार के ही रहने वाले प्रांजल कुमार ने कहा कि एक्सप्रेस ट्रेन से कप्तानगंज सुबह करीब 8:0 बजे ही पहुंच गया था। उसने बताया कि सड़क मार्ग से यात्रा करना संभव नहीं है, इसलिए दूसरी ट्रेन का इंतजार कर रहा हूं।
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20 दिन बाद कप्तानगंज-थावे रूट पर चली डेमू, यात्रियों को राहत
उन्नौला और पिपराइच के बीच कमिशनिंग कार्य के चलते की गई थी निरस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। उन्नौला और पिपराइच के बीच कमिशनिंग कार्य 8 जून को सीआरएस निरीक्षण के साथ पूरा होने के साथ ही 20 दिन से कप्तानगंज थावे रेलमार्ग पर निरस्त डेमू ट्रेन का परिचालन मंगलवार से शुरू हो गया। इससे गोरखपुर की यात्रा करने वालों ने राहत की सांस ली है। तीन फेरे के लिए निरस्त लालकुआं-कोलकाता स्पेशल और चार फेरा के लिए मार्ग बदल कर चल रही अमृत भारत ट्रेन के भी परिचालन का रास्ता साफ हो गया है।
पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से उन्नौला और पिपराइच स्टेशनों के बीच कमिशनिंग का कार्य कराया जा रहा था। इसके चलते नरकटियागंज रूट से चलने वाली दो दर्जन से अधिक ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया था। कप्तानगंज-थावे रूट पर सिवान से गोरखपुर तक चलने वाली डेमू ट्रेन को 19 मई से 8 जून तक निरस्त कर दिया गया था। इस रूट पर साप्ताहिक लालकुआं-कोलकाता एक्सप्रेस ट्रेन को 21 मई से 6 जून के बीच तीन फेरा के लिए निरस्त कर दिया गया था। इसी तरह सप्ताह में दो दिन चलने वाली छपरा-आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत ट्रेन को 23 मई से 6 जून के बीच चार फेरों के लिए गोरखपुर-भटनी-सिवान के रास्ते चलाया जा रहा था। सीआरएस निरीक्षण के बाद इन तीनों ट्रेनों को पुनः नियमित कर दिया गया है। बीस दिन बाद मंगलवार को जब डेमू ट्रेन तमकुहीरोड स्टेशन पर पहुंची तो यात्रियों ने राहत की सांस ली। क्षेत्र के अशोक कुमार वर्मा, जयंत गुप्ता,आलोक जायसवाल, राहुल सोनी आदि का कहना था कि ट्रेनें इस रूट की लाइफ लाइम है। ट्रेनों का नियमित परिचालन शुरू हो जाने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।