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Kushinagar News: पट्टे की जमीन पर कब्जा पाने के लिए धरना दे रहे सात लोगों का चालान

Thu, 14 May 2026 02:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कसया से गांधी चौक पर धरना प्रदर्शन कर रहे महिला और पुरुषों को थाने ले जाती पुलिस। सोशल मीडिया - फोटो : Samvad
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कसया। पट्टे की जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार को तहसील परिसर में शुरू हुआ ग्रामीणों के धरने को लेकर देर रात माहौल तनावपूर्ण हो गया। भूमि पर हाईकोर्ट का स्थगन आदेश प्रभावी होने का हवाला देकर प्रशासन ने ग्रामीणों को बस से घर भेजने का प्रयास किया तो कुछ लोगों ने विरोध कर दिया। पुलिस ने एक महिला समेत सात लोगों को हिरासत में बाकी लोगों को बस में बैठा कर उनके घर भिजवा दिया। हिरासत में लिए गए लोगों काे बुधवार को शांति भंग की आशंका में जेल भिजवा दिया।
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ग्राम रहसू जनूबी पट्टी, सरैया महंथ पट्टी, कनौरा धुनवलिया समेत कई गांवों के ग्रामीण प्रियेश गोड और अविनाश गोड के नेतृत्व में धरना दे रहे थे। ग्रामीणों का आरोप था कि सीलिंग की जमीन पर 1994 में पट्टा आवंटित होने के बावजूद अब तक उन्हें कब्जा नहीं दिया गया है।

प्रशासन के अनुसार, संबंधित भूमि पर हाईकोर्ट का स्थगन आदेश प्रभावी है। इसके बावजूद मंगलवार सुबह करीब 10 बजे से ग्रामीण बिना अनुमति तहसील गेट पर धरने पर बैठ गए। सूचना पर देर रात पहुंचे एसडीएम डॉ. संतराज सिंह बघेल ने ग्रामीणों को समझाकर शांतिपूर्वक घर भेजने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से बस की व्यवस्था कर लोगों को गांव भेजा जाने लगा।
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आरोप है कि इसी दौरान प्रियेश गोड और अविनाश गोड ने बस रोककर लोगों को नीचे उतरने के लिए कहा और गांधी चौक स्थित पुलिस चौकी के पास दोबारा धरना देने की कोशिश की। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और ग्रामीणों में कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रियेश गोड समेत सात लोगों को हिरासत में ले लिया, जबकि अन्य ग्रामीणों को बस से गांव भेज दिया गया। बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार लोगों का शांति भंग की धारा में चालान कर देवरिया जेल भिजवा दिया। गिरफ्तार लोगों में प्रियेश गौंड, सुधीर, रामेश्वर, कागजी, घूरा, सागर और हीरमति शामिल हैं।



370 परिवारों को मिला था पट्टा, आज तक नहीं मिला कब्जा



ग्रामीणों के मुताबिक रहसू जनूबी पट्टी, सरैया महंथ, कनौरा और धुनवलिया गांव के करीब 370 परिवारों को वर्ष 1994 में सीलिंग की जमीन पर आवासीय पट्टा आवंटित किया गया था। आरोप है कि तीन दशक बीत जाने के बाद भी उन्हें जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद तहसील स्तर पर जांच टीम गठित की गई थी, जिसे 10 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि समय सीमा बीतने के बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। इसी से नाराज ग्रामीण मंगलवार को तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए थे। एसडीएम कसया डॉ. संतराज सिंह बघेल ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई है। सात लोगों को शांति भंग की आशंका में जेल भेजा गया है।

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प्रति कट्ठा एक हजार रुपये मांगने का वीडियो वायरल

कसया। ग्राम रहसू जनूबी पट्टी में पट्टाधारकों से पैसा इकट्ठा कर काम कराने की मांग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। करीब 47 सेकंड के वीडियो में एक व्यक्ति ग्रामीणों से प्रति कट्ठा एक हजार रुपये देने की बात कहता सुनाई दे रहा है। वीडियो में कहा गया है कि धरने में कम लोग पहुंच रहे हैं, इसलिए सभी पट्टाधारकों को जमीन के हिसाब से सहयोग राशि देनी होगी। तहसील प्रशासन ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए कहा कि कुछ लोग ग्रामीणों को गुमराह कर उनसे धन की मांग कर रहे हैं और उन्हें बार-बार धरने पर बैठा रहे हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों को भ्रमित करने का आरोप लगाया है। वहीं संबंधित भूमि पर न्यायालय के स्थगन आदेश की जानकारी पहले से दिए जाने की बात भी कही गई है।
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