पिपरा बाजार। विशुनपुरा ब्लॉक के दांदोपुर ग्राम पंचायत के सात सदस्यों ने डीएम को इस्तीफा भेजा है। इस्तीफा भेजने वाले सदस्य 20 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल नहीं हुए थे। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान का निर्वाचन गलत तरीके से हुआ है। डीएम का कहना है कि सदस्यों का इस्तीफा नहीं मिला है।
विशुनपुरा ब्लॉक के 81 ग्राम पंचायतों के 1024 सदस्यों को 20 दिसंबर को ब्लॉक मुख्यालय पर शपथ दिलाई गई थी। उस दिन दांदोपुर ग्रामसभा के सात निर्विरोध निर्वाचित सदस्य शपथ ग्रहण में नहीं पहुंचे थे।
ब्लॉक के कुकुरहा ग्रामपंचायत में प्रधान पद का चुनाव नहीं कराया गया क्योंकि वहां अनुसूचित जनजाति का कोई उम्मीदवार नहीं था। दांदोपुर ग्रामपंचायत में भी प्रधान और सदस्यों के दो पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित थे।
सदस्यों के पद उम्मीदवार नहीं होने के कारण रिक्त रहे, जबकि बालकृष्ण की पत्नी गुड़िया ने नामांकन किया और निर्विरोध निर्वाचित हो गईं। गांव में कुल 13 वार्ड हैं।
जिनमें 10 सदस्य निर्विरोध चुने गए। रविवार को ब्लॉक मुख्यालय पर आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने की बजाय दांदोपुर ग्रामसभा के सात ग्राम पंचायत सदस्य शरीफुद्दीन, डब्लू, प्रमोद, कंचन, राधिका, गेंना, बिपती ने पहले बीडीओ को सामूहिक इस्तीफा देने का प्रयास किया।
मंगलवार को इन सदस्यों ने डीएम को रजिस्ट्री के जरिए इस्तीफा भेजा है। तीन सदस्यों ने 20 दिसंबर को शपथ ग्रहण किया था।
त्यागपत्र भेजने वाले सदस्यों का आरोप है कि दांदोपुर की नवनिर्वाचित प्रधान गुड़िया पिछड़ा वर्ग से संबंधित हैं जबकि उनका निर्वाचन अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित पद पर हुआ है।
इस संबंध में दांदोपुर ग्रामसभा की निर्विरोध निर्वाचित प्रधान गुड़िया का कहना है कि सदस्यों का आरोप निराधार है। जाति प्रमाण पत्र नियमानुसार बना है और निर्वाचन सही है।