सेमरा हर्दो में उत्कर्ष का शव पहुंचने के बाद जुटी लोगों की भीड़। संवाद
पडरौना। कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के सेमरा हर्दों गांव निवासी आरएसएस के जिला सह संघ संचालक इंद्रजीत सिंह के बेटे उत्कर्ष की हत्या मामले में पुलिस ने पिता की तहरीर पर छह नामजद समेत अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। उत्कर्ष की हत्या घर के पास शुक्रवार की रात को निर्मम तरीके से की गई थी। विवाद की वजह रास्ते में आरोपियों की बनी सीढ़ी और घर के सामने कूड़ा फेंकने का विरोध करना बताया गया है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव दरवाजे पर पहुंचा तो परिजन अंतिम संस्कार करने से मना कर दिए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई के अलावा ग्रामसभा की जमीन पर बने मकान पर बुलडोजर चलाने, उत्कर्ष की इकलौती बेटी की पढ़ाई के लिए 50 लाख की आर्थिक मदद और इनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग करने लगे। इस दौरान जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
सदर एसडीएम और सीओ के आश्वासन के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजन ढाई घंटे बाद लेकर गए। पुलिस इस मामले में चार आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। शनिवार की शाम को पुलिस आरोपियों के घर की महिलाओं को हिरासत में लेकर थाने चली गई। गांव में तनाव को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई है। लोगों ने कुबेरस्थान थानाध्यक्ष, बीट सिपाहियों और हल्का दरोगा पर भी कार्रवाई की मांग की। सेमरा हर्दों गांव निवासी 38 वर्षीय उत्कर्ष उर्फ पाल साहब मुखर थे। वह जनहित के मामलों को लेकर आगे रहते थे। अखिल भारतीय गहरवार क्षत्रिय महासभा के जिला संगठन मंत्री थे। दरवाजे पर शनिवार को सुबह से जुटे लोगों के चेहरे पर निर्मम तरीके से हुई हत्या का गम साफ झलक रहा था, लेकिन गुस्सा भी था। बार-बार घटना का जिक्र करके लोग आरोपी के घर की ओर देख रहे थे।
वहीं उत्कर्ष के पिता इंद्रजीत सिंह जवान बेटे की हत्या के बाद वह बदहवास दिखे। घटना के बाद जिस तरह से लोगों में आक्रोश दिखा, अतिम संस्कार करने से जब परिजन व गांव वाले मना कर दिए तो सीओ पडरौना अजय कुमार सिंह, सीओ कसया कुंदन सिंह और पडरौना एसडीएम ऋषभ पुंडरी पहुंचे। एंबुलेंस में रखे शव के पास बैठे परिजन व गांव वालों से अफसरों ने कई राउंड बात की। बात नहीं बनी तो बरामदे में बैठे पडरौना के विधायक मनीष जायसवाल, खाद बीज निगम के उपाध्यक्ष राजेश्वर सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, जिला पंचायत सदस्य मनोज सिंह से एसडीएम ने काफी देर तक बात की। लोगों का आरोप है कि आरोपियों का घर बचत की जमीन में बना है। इसको तोड़वाया जाए।