कुशीनगर नगर पालिका क्षेत्र में स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जमीन की तलाश तहसील प्रशासन ने शुरू कर दिया है। डीएम के आदेश पर जमीन को चिन्हित करने का सर्वे राजस्व टीम की ओर से किया जा रहा है। इसके लिए 100 एकड़ से अधिक जमीन चाहिए। कसया-पडरौना मार्ग पर साखोपार और एनएच-28 के किनारे भैसहा के पास जमीन देखा गया है। इसकी रिपोर्ट शासन को जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा जाएगा।
इसके बाद ही स्मार्ट सिटी बनने का स्थान तय होगा। विकसित भारत 2047 मिशन के तहत शहरी क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित करने के लिए सर्वे शुरू हो गया है। कसया तहसील के राजस्वकर्मी कसाडा चौक से करीब पांच किमी दूर एनएच 28बी मार्ग स्थित साखोपार और शामपुर हतवां गांव की जमीन को अधिग्रहण करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है।
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद लगभग 100 एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहित करेगा। इसके लिए राजस्व कर्मी किसानों से सहमति पत्र लेना शुरू कर दिए हैं। स्मार्ट सिटी बनाकर यहां हाईटेक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।स्मार्ट सिटी से पर्यटन का भी विकास होगा। डीएम महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर कसया तहसील प्रशासन की ओर इसका सर्वे का कार्य तेज कर दिया गया है।
स्मार्ट सिटी बन जाने के बाद कुशीनगर में व्यवस्थित तरीके से विकास होगा और बेतरतीब तरीके से शहर की हो रही बसावट पर रोक लगेगा। अभी तक जो जहां चाहा वहीं जमीन खरीदकर मकान बना ले रहा है। इसके अलावा कुशीनगर और पडरौना की दूरी भी कम हो जाएगी। शहर के विस्तार को लेकर जिला प्रशासन काफी सक्रिय है।
इसके पूर्व पडरौना शहर का लखनऊ से आई टीम ने स्मार्ट सिटी के लिए सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है। कुशीनगर नगर पालिका क्षेत्र में अगर स्मार्ट सिटी बनाता है तो इसमें पानी और बिजली की अच्छी व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, शहर में आने जाने के लिए परिवहन का बेहतरीन साधन, तकनीकी कनेक्टिविटी, ई-गवर्नेंस, नागरिकों की सुरक्षा, शासन में नागरिकों की भागीदारी जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
जिससे यहां के लोगों का जीवन और अधिक सुविधाजनक और बेहतर होगा। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि स्मार्ट सिटी के लिए जमीन का सर्वे कराया गया जा रहा है। शासन को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।