किराए के भवन में चल रहे विद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
पडरौना।करीब तीन दशक पहले खुले शहर के तीन प्राइमरी स्कूलों को अब तक अपना भवन नहीं मिला। इनमें से दो स्कूल तो बेहद खराब स्थिति में किराए के मकान में संचालित हो रहे हैं लेकिन एक स्कूल को किराए का भी कमरा नहीं मिला तो उसे दूसरे मुहल्ले के प्राइमरी स्कूल में ही अटैच कर दिया गया है। इन स्कूलों के लिए भवन निर्माण अथवा किराए पर ही ढंग के मकान में शिफ्ट करने की बात तो दूर कभी इनकी जांच करने भी कोई अफसर नहीं जाता।
पडरौना शहर में बेसिक शिक्षा परिषद की तरफ से कुल 12 विद्यालय संचालित हैं। इनमें 10 प्राथमिक विद्यालय और दो जूनियर विद्यालय शामिल हैं। इन 10 प्राथमिक विद्यालयों के सापेक्ष नौ प्रधानाध्यापक और छह शिक्षा मित्रों की तैनाती है। प्राथमिक विद्यालय छावनी शिक्षक विहीन है। इसका चार्ज जूनियर विद्यालय के शिक्षक के पास है। दो जूनियर विद्यालयों में एक भी प्रधानाध्यापक नहीं हैं। इनमें पांच सहायक अध्यापक और तीन अनुदेशकों से काम चल रहा है।जिन तीन विद्यालयों का अपना भवन नहीं है, उनमें से दो को किराए के कमरे में संचालित किए जा रहे हैं। इनकी दशा भी ठीक नहीं है।