पडरौना। उदित नारायण स्नातकोत्तर महाविद्यालय सभागार में संस्कृत विभाग की तरफ से संस्कृतोत्सव (अभ्युदय) का शुभारंभ हुआ। संस्कृत की उपयोगिता एवं प्रासंगिकता पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृत के विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अतिथियों का तिलक लगाकर किया। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, के संस्कृत विभाग की सहायक आचार्य डॉ. लक्ष्मी मिश्रा ने कहा कि संस्कृत को देव भाषा कहा जाता है। यह भाषा विश्व के सभी भाषाओं की जननी है। आज कंप्यूटर लोगों के दैनिक जीवन की जरूरत बन गया है। कंप्यूटर की मातृभाषा संस्कृत है। कार्यक्रम को श्री भगवान महावीर पीजी कॉलेज पावानगर फाजिलनगर, संस्कृत विभाग के सहायक आचार्य डॉ. कृष्णचंद्र चौरसिया आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर ममता मणि त्रिपाठी ने की। संचालन संस्कृत विभाग के प्रभारी डॉ. श्याम कुमार ने किया। इसके पूर्व छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
इस दौरान डॉ. ललित पांडेय, डॉ. अनूप पटेल, डॉ. विजय प्रताप निषाद, डॉ. अरुण कुमार, जितेंद्र यादव, नरोत्तम कुमार तिवारी, डॉ. आनंद कुमार गोंड, राजेश कुमार, अश्विनी यादव, डॉ. शांता सुरेज्या, आरती, रितंभरा मल्ल, प्रीति मल्ल, सौम्या शुक्ला आदि मौजूद रहे।