पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के पिपरा खुर्द गांव में बुखार से दो मासूमों की मौत के बाद भी गांवों में सफाई व्यवस्था जस की तस है। पशुपालन विभाग की सक्रियता सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है। डीएम के निर्देशों के बावजूद जिम्मेदार इसको लेकर गंभीर नहीं है। सिर्फ खानापूर्ति की फोटो खीचवा रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कैंप लगाकर बुखार और सर्दी से पीड़ित लोगों का इलाज कर रही है।
रविवार को गुलहरिया गांव में बुखार से दो बच्चों की मौत हो गया, मंगलवार को डीएम व सीडीओ ने गांव पहुंचकर प्रभावित घरों में सभी परिवारों की सैंपलिंग पशुओं के नमूने लेने का निर्देश दिया था। गांवों में सफाई के लिए टीम तो पहुंच रही है, लेकिन सफाई के नाम पर खानापूर्ति किया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम नजर आई, लेकिन जलकल विभाग और पंचायती राज विभाग की टीम नहीं दिखी। गांव के लोगों ने बताया कि सफाई जिस तरह से चाहिए उस तरह से नहीं हो पा रही है।
पीने के लिए पानी का इंतजाम नहीं है। देसी हैंडपंप से पानी पीने के लिए स्वास्थ्यकर्मी मना कर रहे हैं, लेकिन कहां से पानी लाया जाए, गांव में सरकारी हैंडपंप लगवाने की मांग की गई। प्रभावित परिवारों के सदस्यों के जांच के लिए नमूने तो लिए गए, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी है। पड़ोसी घरों में कई बच्चे अभी भी बुखार से पीड़ित हैं।