आठ टीए और 15 रोजगार सेवकों का वेतन रोका गया
बीडीओ बोलीं- जांच में धांधली मिलने पर दर्ज कराया जाएगा मुकदमा
सुकरौली(कुशीनगर)। विकास खंड सुकरौली में मनरेगा योजना में धांधली की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने का असर हुआ है। सरकारी योजनाओं को धरातल पर लाने में लापरवाही बरतने के आरोप में बीडीओ ने आठ टीए (तकनीकी सहायक) और 15 रोजगार सेवकों का वेतन रोकने का आदेश दिया है। साथ ही नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। इसके अलावा नौ सचिवों को भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
बीडीओ ऊषा पाल ने बताया कि मनरेगा सहित अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की गई। इसमें लापरवाही बरतने वाले आठ टीए, नौ सचिव और 15 रोजगार सेवकों पर कार्रवाई की गई है। आठ टीए की कार्यशैली में अनियमितता मिलने पर वेतन रोकते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच में किसी भी प्रकार की धांधली मिलने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। 15 रोजगार सेवकों पर भी नोटिस जारी कर वेतन रोकने का आदेश दिया है। बीडीओ ने जगदीशपुर और पड़री गांव में विकास कार्यों में लापरवाही मिलने पर सचिव, टीए और रोजगार सेवक को नोटिस जारी कर विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। इसके अलावा मठसूरजगीर, बेंदुआर, लेहनी, हरपुर सुक्खड़ आदि गांवों में खराब प्रगति रिपोर्ट मिलने पर नाराजगी जताते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बीडीओ ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों को संज्ञान में लेकर सभी कर्मचारियों के कार्य रिपोर्ट की जांच करने के बाद 15 रोजगार सेवक, आठ टीए और नौ सचिवों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। सभी की कार्यों की जांच हो रही है। दोषी पाए जाने पर उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के लिए अवगत कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि गांवों में हो रहे विकास कार्यों की जमीनी स्तर पर पड़ताल की जा रही है। मनरेगा सहित अन्य कार्यों में सहयोग न करने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई जाएगी।