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Kushinagar News: जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में हंगामा, सदस्यों के सवालों का जवाब नहीं दे सके अफसर

Wed, 29 Jan 2025 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक हंगामेदार रही। बैठक शुरू होते ही हंगामा हो गया। सदस्यों के सवालों का अफसर जवाब नहीं दे पाए और एक दूसरे के माथे ठीकरा फोड़ते रहे। सदस्यों ने कहा कि सिर्फ समोसा और मिठाई खाने के लिए नहीं आते हैं, दिए गए प्रस्ताव पर काम होना भी जरूरी है। सदस्यों ने आरोप लगाया कि दूर गांवों में करोड़ों खर्च कर लगे वाटर एटीएम और हाईमास्ट लाइट लगा है जो एक दिन भी नहीं जलीं। शिकायत के बाद भी ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। मामला बढ़ता देख जिला पंचायत के अपर अधिकारी बोले कि अभी दो दिन मुझे आए हुए हुआ है, बहुत कुछ नहीं जानता हूं। कृपया आप लोग मेरा सहयोग कीजीए। इस पर जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि इसके पहले भी तो जिला पंचायत के अपर पद पर ही थे, यह कहानी बंद करिए।
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पिछली कार्रवाई पढ़कर जिला पंचायत के अपर अधिकारी ने सुनाना शुरू किया तो जिला पंचायत सदस्य वरुण राय और राजन राय ने आपत्ति जताते हुए कहा बोर्ड की बैठक में सीडीओ को रहना था। इसी लिए कई बैठक की तिथि टाल दी गई। देश सनातन के नाम पर चल रहा है, इतने बड़े स्नान पर्व के दिन बोर्ड की बैठक रखी गई। इसका उद्देश्य सिर्फ बजट पास कराना है। डीसी मनरेगा राकेश कुमार ने मनरेगा बजट पर चर्चा करते हुए क्षेत्र पंचायत, ग्राम पंचायत समेत अन्य दो एजेंसियों को देने की बात कही। इस पर जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि जिला पंचायत को मनरेगा से बजट क्यों नहीं दिया जाता है। सिर्फ प्रस्ताव लिया जाता है, इस पर उन्होंने बताया कि जिला पंचायत में कर्मचारियों की कमी है। इसके चलते बजट नहीं दिया जाता है। इसको लेकर करीब एक घंटे तक माथापच्ची होती रही और अपर अधिकारी सिर्फ प्रस्ताव मांगते रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप जायसवाल से अपर अधिकारी ने बोलने को कहा इस पर अध्यक्ष प्रतिनिधि सदस्यों की मांगों को लेकर हामी भरने लगे। वहीं, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनोज सिंह ने कहा कि हेड से टेल तक पानी पहुंचाने में लाखों रुपये मनरेगा से सिंचाई विभाग खर्च करता, लेकिन हेड से टेल तक कभी पानी नहीं पहुंच पाता है, बीच में ही नहरों की सफाई नहीं होने से बंधे टूट जाते हैं और किसानों का फसल बर्बाद हो जाती है। इसके अलावा ढाढ़ा चीनी मिल की ओर से मनमानी की जाती है। इसका खामियाजा किसानों का भुगतना पड़ रहा है। लक्खीचंद यादव ने कहा कि गांवों में पांच करोड़ से अधिक के हाईमास्ट लाइट और वॉटर एटीएम लगा है, जो लगने के साथ ही खराब हो गया। अधिकांश सदस्य इसकी कई बार लिखित शिकायत की, लेकिन ठेकेदार पर कार्रवाई के बजाए उसको विभाग की ओर से संरक्षण दिया गया। ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए। हंगामे के बीच जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में बजट पास हुआ। इस दौरान पीडी जगदीश त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल, डीसी मनरेगा राकेश कुमार, सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया, बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्य आदि मौजूद रहे।
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मीटिंग में बात करिए, ऑफिस की बात ऑफिस में होगी
पिछली बैठक में जो कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। उसमें से एक भी पूरा नहीं हुआ। इस पर सदस्य धीरज मौर्या ने इसे दमदारी से उठाया तो मंच से अपर अधिकारी ने चुप कराते हुए कहा कि ऑफिस में बात हो जाएगी। सदस्य ने कहा कि एक वॉटर एटीएम पर करीब आठ लाख और एक हाईमास्ट पर करीब चार लाख रुपये खर्च किया गया है। अगर इसकी निष्पक्ष जांच करा दी जाए तो बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार की पोल खुलेगी और ठेकेदार के साथ-साथ कई जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।
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जिला गन्ना अधिकारी के खिलाफ पारित हुआ निंदा प्रस्ताव
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में बाढ़ खंड और सिंचाई विभाग के एक्सईएन मौजूद नहीं थे। इनके प्रतिनिधि के रूप में विभागीय अधिकारी आए थे जो सदस्यों के सवालों का जवाब नहीं दे सके। वहीं जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी के नहीं होने पर सदस्यों ने नाराजगी जाहिर की। सदस्यों ने निंदा प्रस्ताव पास करते हुए कार्रवाई में शामिल करने को कहा। अगले बोर्ड की बैठक में अगर जिला गन्ना अधिकारी नहीं आते हैं तो जिला पंचायत अध्यक्ष के नेतृत्व में सदस्य उनके कार्यालय पर जाकर धरना देंगे। आरोप है कि किसी भी बोर्ड की बैठक में वे नहीं आते हैं।
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