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इसी सप्ताह शुरू हो जाएगा आरटीपीसीआर लैब, एक दिन में मिलेगी रिपोर्ट

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इसी सप्ताह शुरू हो जाएगा आरटीपीसीआर लैब, एक दिन में मिलेगी रिपोर्ट
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- अभी आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल जाता है गोरखपुर
- वहां कार्यभार अधिक होने के चलते एक सप्ताह में मिलती है रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। कोरोना मरीजों की जांच के लिए जिला अस्पताल में ही आरटीपीसीआर लैब का निर्माण कार्य चल रहा है। उपकरण व कर्मचारियों का भी प्रबंध हो गया है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह लैब में जांच भी शुरू हो जाएगी। यहां जांच शुरू होने पर 24 घंटे के भीतर ही जांच रिपोर्ट मिलने लगेगी। यह व्यवस्था शुरू होने से कोरोना की जांच व इलाज में तेजी आएगी।
जिले में एंटीजन किट के अलावा आरटीपीसीआर जांच के लिए भी सैंपल लिए जाते हैं, परंतु इस सैंपल की जांच की यहां कोई व्यवस्था नहीं है। सैंपल को गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कालेज भेजा जाता है। वहां पहले से ही अधिक भार होने के कारण जांच में देरी होती है। पंचायत चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में जांच हुई, लेकिन इसकी रिपोर्ट ही नहीं आ रही थी। वजह यह कि जांच अधिक होने के चलते कुशीनगर जिले की रिपोर्ट अंबेडकरनगर जिले के लैब को भेजा गया। परंतु वहां के कर्मचारी ही कोरोना संक्रमित हो गए। ऐसे में वहां भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट आने में विलंब हुआ। मई के पहले सप्ताह में अचानक एक-एक दिन में पांच सौ से अधिक लोगों की जांच रिपोर्ट आने लगी। पता लगा कि इसमें से अधिकांश रिपोर्ट उस आरटीपीसीआर का है, जिसका सैंपल महीने भर पहले लिया गया था। रिपोर्ट नहीं मिलने के चलते जहां कइयों का इलाज नहीं हो पाया, वहीं बिना लक्षण वाले या कम लक्षण वाले मरीज रिपोर्ट नहीं मिलने के चलते खुद को स्वस्थ मानकर घूमते रहे। इसका ही नतीजा है कि जिले में मई के प्रथम सप्ताह में अचानक केस की संख्या तेजी से बढ़ गई। परंतु अब यह समस्या भी खत्म होने के कगार पर है। जिले में आरटीपीसीआर जांच के लिए लैब बन रहा है। जिला अस्पताल के प्रथम तल पर बन रहे इस लैब में अधिकांश काम पूरा हो चुके हैं। ट्रेंड कर्मचारियों की तैनाती भी हो चुकी है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह निर्माण कार्य पूर्ण कराकर इसका संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा।
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एक दिन में मिलेगी रिपोर्ट : सीएमओ
सीएमओ डॉ. एनपी गुप्ता का कहना है कि अभी आरटीपीसीआर जांच के लिए हम लोग पूरी तरह से गोरखपुर समेत अन्य जिलों पर निर्भर हैं। वहां से रिपोर्ट आने में कम से कम एक सप्ताह लग जाता है। बिना रिपोर्ट के इलाज करने में दिक्कत आती है। लक्षण के आधार पर इलाज चल रहा होता है। कई बार मरीज के स्वस्थ हो जाने के बाद उसकी रिपोर्ट आती है, जिससे काफी असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। परंतु अपने जिले में लैब बन जाने से अधिकतम 24 घंटे में जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। इससे कोरोना मरीजों के इलाज में काफी मदद मिलेगी।
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शीघ्र शुरू कराया जाएगा लैब: डीएम
डीएम एस राजलिंगम ने बताया कि जिला अस्पताल में बन रहे आरटीपीसीआर लैब का काम काफी तेजी से चल रहा है। निर्माण कार्य की हर दिन प्रगति रिपोर्ट ली जा रही है। वे स्वयं जाकर निर्माण की स्थिति को देख चुके हैं। पूरी उम्मीद है कि तीन से चार दिन में लैब चालू हो जाएगा। हमें इसके लिए जरूरी उपकरण व कर्मचारी मिल चुके हैं। निर्माण कार्य पूर्ण होते ही जांच शुरू करा दी जाएगी। जिले में आरटीपीसीआर जांच शुरू होने से रिपोर्ट मिलने में तेजी आएगी, जिससे बीमारी के उपचार व नियंत्रण में मदद मिलेगी।
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