रामकोला (कुशीनगर)। थाना क्षेत्र के रामपुर बगहा स्थित ''खट्टर एडिबल्स प्राइवेट लिमिटेड'' में वित्तीय धोखाधड़ी और गबन का मामला प्रकाश में आया है। कंपनी के वरिष्ठ अकाउंटेंट और कैशियर पर मिलीभगत कर 40 लाख से अधिक की धनराशि हड़पने का आरोप है। इन लोगों ने फर्म के नाम पर अपने परिचितों व रिश्तेदारों के खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। कंपनी के एचआर हेड अनुराग त्रिपाठी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात की गंभीर धारा में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस विधिक कार्रवाई में जुटी है।
जानकारी के मुताबिक, कंपनी में वित्तीय अनियमितताओं का पता 19 मार्च को वार्षिक ऑडिट की प्रक्रिया के दौरान हुआ। ऑडिट के दौरान दस्तावेजों और बैंक खातों के मिलान में 40 लाख रुपये से अधिक का अंतर पाया गया। गहराई से जांच करने पर पता चला कि कंपनी की कमाई को सुनियोजित तरीके से बाहरी लोगों के बैंक खातों में अंतरित किया गया।
प्राथमिकी के अनुसार, कंपनी के वरिष्ठ अकाउंटेंट तमकुहीराज थाना क्षेत्र के हरिहरपुर निवासी लक्ष्मीकांत और कैशियर कप्तानगंज नगर पंचायत के वार्ड नंबर-13 निवासी विवेक शर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कंपनी के आधिकारिक खाते से बड़ी रकम निजी खातों में ट्रांसफर की।
कंपनी के एचआर हेड अनुराग त्रिपाठी ने बताया है कि कंपनी के संचालित एसबीआई के खाते से प्यारेलाल के खाता संख्या 76470212000175, खुशबू देवी के पंजाब नेशनल बैंक की महराजगंज शाखा में खाता संख्या 2989000109912 में कई बार में करीब 16 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। इसके अलावा सोनबरसा बालापार के क्षत्रसाल यादव (प्रापर्टी डीलर) के खाते में 24 लाख रुपये ट्रांसफर करने की पुष्टि हुई है।
आरोप है कि वरिष्ठ अकाउंट लक्ष्मीकांत ने अपने भाई प्यारेलाल व बहन-बहनोई व कैशियर विवेक शर्मा ने अपनी पत्नी खुशबू देवी के महराजगंज पंजाब नेशनल बैंक के खाते में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर की है। यह मामला अभी कंपनी के सिर्फ एसबीआई बैंक के खाते से जुड़ा हुआ है। एचडीएफसी बैंक के खाते का ऑडिट चल रहा है। उससे भी रकम ट्रांसफर किए जाने की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने कंपनी के एसबीआई बैंक के खाते और खुशबू देवी के खाते का स्टेटमेंट भी पुलिस को सौंपा है। उसमें ट्रांसफर की गई रकम की जानकारी दी गई है।
कंपनी के जीएम (ऑपरेशन) अशोक कुमार दूबे ने बताया कि कंपनी के एसबीआई खाते की ऑडिट में भारी-भरकम रकम ट्रांसफर करने का मामला उजागर हुआ है। उन्होंने बताया कि कंपनी के खाते से आनलाइन 40 लाख से अधिक रकम वरिष्ठ अकाउंटेंट व कैशियर ने मिलकर अपने परिचित लोगों के खातों में भेजी हैं। आरोप है कि इन दोनों ने मिलीभगत से भुगतान के लिए फर्मों का नाम तो दिया गया है लेकिन उन फर्मों की खाता संख्या की जगह पर जान-पहचान वाले लोगों के खाते में रकम भेजी गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पहले छोटी रकम ट्रांसफर की। पकड़ में नहीं आने पर फिर मोटी रकम भेज दी।
खट्टर एडिबल्स प्राइवेट लिमिटेड के एचआर हेड की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। बैंकों के खातों में अंतरित रकम व उससे जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपियों से भी पूछताछ चल रही है। आगे की विधिक कार्रवाई में पुलिस जुटी है। -अनिल सिंह यादव, आईओ (जांच अधिकारी),रामकोला
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खट्टर एडिबल्स में तैयार होते हैं ब्रेकरी उत्पाद
जानकारी के मुताबिक, खट्टर एडिबल्स में बेकरी उत्पाद तैयारी किए जाते हैं। कंपनी में वर्तमान में 500-600 लोग काम करते हैं। इसके अलावा सैकड़ों लोग अप्रत्यक्ष रूप से भी जुड़े हुए हैं। कंपनी के एक जिम्मेदार ने बताया कि कंपनी का 100 करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर है। यहां के उत्पादों की प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल तक सप्लाई होती है।
एक महीने से चल रही है आडिट
कंपनी के जीएम ऑपरेशन अशोक कुमार दूबे ने बताया कि करीब एक महीने से आडिट चल रहा है। अभी यह जारी है। आडिट शुरू होने के करीब 15 दिन बाद ही यह मामला सामने आया था लेकिन पूरी पुष्टि नहीं हो पा रही थी। इसलिए जांच आगे बढ़ी तो मामले सामने आया। इसके बाद आगे की कार्रवाई व जांच चल रही है।
ये उत्पाद होते हैं तैयार
खट्टर एडिबल्स प्राइवेट लिमिटेड में बेकरी से संबंधित उत्पाद तैयार किए जाते हैं। उनमें ब्रेड, बंद पाव, कुकीज बिस्किट, केक, रस्क, गुजिया, डोनट केक, मफिंस, क्रीम रोल, फेन आदि तैयार किए जाते हैं। कंपनी के कर्मचारी ने बताया कि प्रतिदिन करीब 35-40 टन बेकरी तैयार होती है। ये उत्पाद प्रदेश के करीब 20 जिलों में भेजे जाते हैं। उनमें बस्ती, महराजगंज, गोरखपुर, मऊ, देवरिया, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलिया आदि शामिल हैं।