पडरौना/मंसाछापर। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के 389 ग्राम पंचायतों में आरआरसी सेंटर का निर्माण होगा। इसके लिए शासन की तरफ से 21 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस योजना के तहत करीब 300 ग्राम पंचायतों में सेंटर का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। जबकि, करीब 89 गांव में जमीन की तलाश की जा रही है।
जिले के जिन गांव में अभी तक आरआरसी सेंटर का निर्माण नहीं हो सका है। इसके लिए शासन ने 21 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। शासन से मिली यह धनराशि सभी ग्राम पंचायतों में पंचायतीराज विभाग की तरफ से भेज दी गई है। इससे आरआरसी सेंटर निर्माण के अलावा ई-रिक्शा, खाद गड्ढा, सोखता गड्ढा, फिल्टर चेंबर, सिल्ट कैचर आदि का निर्माण कार्य कराया जाना है। करीब 89 गांव में अभी तक जमीन नहीं मिल सका है, जिसके कारण उन गांव में आरआरसी सेंटर का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। जबकि, 300 गांव में आरआरसी सेंटर का निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं।
जिन गांवों में आरआरसी सेंटर के निर्माण के लिए भूमि नहीं मिली है, वहां के एडीओ पंचायत और इंजीनियरों को ग्राम प्रधान व सचिव से मिलकर शीघ्र ही जमीन की तलाश करने के निर्देश दिए गए हैं। छोटी ग्राम पंचायतों में जनसंख्या के हिसाब से ही धन भी जारी किया गया है। छोटे गांव में करीब डेढ़ लाख की लागत से आरआरसी सेंटर का निर्माण वहां करवाया जाएगा, जबकि बड़े ग्राम पंचायतों में यह रकम बढ़ा दी गई है।
इस संबंध में डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 389 ग्राम पंचायतों में आरआरसी सेंटर के निर्माण की स्वीकृति मिली है। करीब 300 गांव में निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। शेष गांव में आरआरसी सेंटर निर्माण के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन की उपलब्धता होते ही वहां भी निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।