मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के पर्वत छपरा गांव के सामने मठिया शाखा नहर ओवरफ्लो होने और कई जगह छेद होने से खेतों में पानी चला गया है। इससे नहर के आसपास करीब 50 एकड़ से अधिक गेहूं और तिलहन की फसल जलमग्न हो गई है। किसानों का आरोप है कि नहरों की सफाई में मनमानी की जा रही है। इसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। किसानों ने सिंचाई विभाग से खराब हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की।
मठिया शाखा नहर की सफाई प्रत्येक वर्ष होती है। नहरों में पानी छोड़ने से कुछ दिन पहले विभाग उसकी सफाई करवाता है। मठिया शाखा नहर में सोमवार की शाम अचानक पानी हेड तक छोड़ दिया गया है। इसकी वजह से कई जगहों पर होल होने के कारण पानी सीधे खेतों में चली गई। नहर ओवरफ्लो होकर कई जगहों पर बह रही है। पर्वत छपरा गांव के सामने मठिया शाखा नहर के सामने पानी सीधे खेतों में जा रही है। चिरगोड़ा और डुमरी गांव के किसान इससे परेशान हैं। किसानों का आरोप है कई बार शिकायत के बाद भी जिम्मेदार नहीं सुन रहे हैं।
पिछले वर्ष भी गन्ने की फसल नहर का पानी लगने से खराब हो गई थी। इस बार लापरवाही से गेहूं और तिलहन को फसल चौपट हो गई है। इस बार किसानों को मुआवजा जरूर मिलनी चाहिए।
- सिकंदर, चिरगोड़ा।
फसलों की बुवाई में पैसा लगता है। सिंचाई विभाग की लापरवाही से फसल बर्बाद हो गई है। फसलों में अत्यधिक पानी भर जाने से फसल नहीं हो पाएगी। इससे मुश्किल बढ़ जाएगी।
- रोजद्दीन, चिरगोड़ा।
- तीन दिन से मठिया शाखा पर काम हो रहा है। ठेकेदार को मिट्टी नहीं मिल सकी है। बुधवार को हर हाल में मिट्टी मंगवाकर नहर की बेड को मजबूत बंधवाया जाएगा। मैं खुद मौके पर मौजूद रहकर कार्य करवा रहा हूं।
- सुमित जायसवाल, अवर अभियंता।