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कहने को रोडवेज डिपो, नौ साल में भी नहीं बढ़ीं सुविधाएं

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पडरौना नगर के रोडवेज परिसर में पेड़ के नीचे बैठे यात्री।संवाद। - फोटो : KUSHINAGAR
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कहने को रोडवेज डिपो, नौ साल में भी नहीं बढ़ीं सुविधाएं
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पांच करोड़ रुपये की लागत से होना है पडरौना रोडवेज का निर्माण
पडरौना। जनपद मुख्यालय के रोडवेज बस स्टेशन को डिपो का दर्जा मिले नौ साल हो चुके हैं, लेकिन सुविधाएं सामान्य स्टेशनों जैसी भी नहीं हैं। हल्की बारिश में पूरा परिसर जलमग्न हो जाता है। भवन भी जर्जर है। सिर्फ एक सुरक्षा गार्ड के भरोसे यह स्टेशन संचालित हो रहा है।
शाम छह बजे के बाद बस मिलना भी मुश्किल है। हालांकि पांच करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण होना है। कार्यदायी संस्था तीन महीने पहले पैमाइश कर चुकी है। परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि मामला शासन स्तर पर लंबित है। धन आवंटित होते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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पडरौना में रोडवेज बस डिपो की स्थापना वर्ष 2013 में हुई थी। इससे पहले बसों के संचलन की जिम्मेदारी देवरिया डिपो के पास थी। मौजूदा समय में डिपो में निगम की 21 तथा 13 अनुबंधित सहित 34 बसें हैं। जनपद मुख्यालय होने के बावजूद यहां शुद्ध पेयजल, सफाई, बैठने की सुविधा, पूछताछ काउंटर पर कर्मचारी आदि का अभाव है।
इस बस स्टेशन पर बैठने के बजाए अधिकारी-कर्मचारी एक किमी दूर वर्कशॉप में बने भवन में बैठते हैं। तीन वर्षों से बस स्टेशन का नया भवन बनाने की कवायद चल रही है, जो अब तक पूरा नहीं हो पाया। बस स्टेशन के लिए एक केंद्र प्रभारी, दो बुकिंग लिपिक तथा तीन गार्ड की विभाग की ओर से स्वीकृति है, लेकिन एक गार्ड की तैनाती है।
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पडरौना शहर में एक ही बस स्टेशन है। यहां पर भी अव्यवस्था है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अरुण सिंह
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बस स्टेशन पर कोई कर्मचारी नहीं रहता है। बस के बारे में पूछताछ के लिए परेशानी होती है। वृद्ध लोगों को अधिक समस्या होती है।
पूरन शर्मा
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इस बस स्टेशन पर लगे हैंडपंप खराब हो चुके हैं। गंदगी का अंबार लगा रहता है। यात्रियों को पानी खरीद कर पीना पड़ता है।
संतु बरनवाल
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बस स्टेशन का भवन जर्जर हो चुका है। बरसात में परिसर में तालाब की स्थिति बन जाती है। यात्री सुविधाओं का भी टोटा है।
सुनील कुमार
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कोट
बस स्टेशन का भवन जर्जर हो चुका है। नया भवन करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। देवरिया की निर्माण निगम कार्यदायी संस्था नामित है। तीन माह पहले पैमाइश हुई है। शासन स्तर पर मामला लंबित है। बजट आवंटित होने पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
बिंदू प्रसाद, एआएम, रोडवेज
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पडरौना में रोडवेज का भवन बनवाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। धन आते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। बजट शीघ्र मिलने की संभावना है।
प्रमोद कुमार तिवारी, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम गोरखपुर
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