इसी दौरान सड़क किनारे ठेले से भुजा खरीद रही कसया नगर के वार्ड नंबर 14, गड़ीनाथ नगर निवासी नेहा मिश्रा बस की चपेट में आ गईं। गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई। नेहा छावनी स्थित न्यू लाइफ हॉस्पिटल में स्टाफ नर्स थीं।
हादसे में तिलक चौक निवासी राहुल गुप्ता (22), सुधई निवासी रघुराई सिंह (55) और उनके पुत्र राजा (18), धर्मपुर बुजुर्ग निवासी अरविंद सिंह (35), दुर्गवलिया निवासी सतपाल प्रसाद (50), सोहरौना निवासी अलाउद्दीन (60), परसौना निवासी चुलबली (15) और गिरजा (26), छावनी निवासी हर्षिता (20) और तौफीक (19), देवरिया के भटनी निवासी अमरनाथ यादव (45) और उनकी रिश्तेदार संध्या यादव (40), लक्ष्मीपुर महंथ निवासी अरविंद मिश्रा (45) और अभय प्रताप गिरी (32), नुजहत अंसारी (26) तथा पिपरा मोजरा निवासी बलिस्टर यादव (25) समेत कई लोग घायल हुए। घायल 40 वर्षीय सुभावती देवी को गंभीर हालत में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वह गर्भवती हैं और उनके सिर में गंभीर चोट आई है। टेंपो में सवार पांच लोगों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।
बैरिकेडिंग कर बस रोकी, चालक हिरासत में
बस लेकर भाग रहे चालक को रविंद्रनगर धूस पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। स्थानीय लोगों ने घायलों को छावनी रोड स्थित निजी अस्पताल पहुंचाया। बाद में पुलिस की मदद से उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। सूचना मिलते ही पडरौना कोतवाली और रविंद्रनगर धूस थाने की पुलिस के साथ एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, एसडीएम पडरौना विवेक मिश्रा और सीओ सिटी रितेश प्रताप सिंह मेडिकल कॉलेज पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों के उपचार और अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
पुलिस ने ब्रीथ एनालाइजर से चालक की जांच की। एएसपी के मुताबिक, जांच में चालक के नशे में होने की पुष्टि हुई। हादसे के बाद छावनी से मेडिकल कॉलेज तक करीब 40 मिनट तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
एएसपी सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि बस चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच की जा रही है। वहीं, पडरौना डिपो के एआरएम जयप्रकाश प्रधान ने कहा कि घटना की जानकारी जुटाई जा रही है। बस खाली क्यों थी और चालक उसे कहां ले जा रहा था, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।