पडरौना। कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग पर कई दिन से पैसेंजर ट्रेनों के निरस्त होने के बाद बुधवार को अचानक दो गाड़ियों को अगले आदेश तक के लिए निरस्त कर दिया गया। अब इस रूट पर केवल तीन साप्ताहिक गाड़ियां ही बची हैं। पैसेंजर ट्रेनों के निरस्त होने का कारण या फिर कब से चलेंगी इस विषय में भी कोई पक्की सूचना नहीं होने से यात्री परेशान हैं।
कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग का वर्ष 2010 में आमान परिवर्तन किया गया था। इसके बाद से इस रूट पर चार पैसेंजर ट्रेन चलती है। एक मात्र एक्सप्रेस ट्रेन छपरा-लखनऊ का संचालन सप्ताह में एक बार ही होता है। इसके अलावा दो मेला स्पेशल ट्रेन हैं। पैसेंजर ट्रेनों में चलने वाले अधिकांश लोग ऐसे हैं जो इससे जिला मुख्यालय पडरौना तक आते-जाते हैं। यही वजह है कि कम राजस्व के बावजूद इन पैसेंजर ट्रेनों में सवारियों की भीड़ रहती है। एक सप्ताह से कई पैसेंजर ट्रेन लगातार किसी न किसी वजह से बीच रास्ते में खराब हो रही थी।
इसके बाद बुधवार की रात में रेलवे प्रशासन ने इस रूट की दो पैसेंजर ट्रेनों को बिना कोई कारण बताए अगले आदेश तक के लिए निरस्त कर दिया। बृहस्पतिवार को पडरौना रेलवे स्टेशन पर तमाम लोग कप्तानगंज, गोरखपुर तथा तमकुही से लेकर थावे तक की यात्रा के लिए पहुंचे थे। यहां काफी इंतजार के बाद भी जब टिकट खिड़की नहीं खुली न ही ट्रेन के आवागमन संबंधी सूचना सुनाई दी तो लोगों ने रेलवे कर्मचारियों से संपर्क किया। इसके बाद सहायक स्टेशन मास्टर राकेश सिंह ने यात्रियों को बताया कि ट्रेनों को अगले आदेश तक के लिए निरस्त किया गया है।
पडरौना रेलवे स्टेशन के सहायक स्टेशन मास्टर राकेश सिंह का कहना है कि इस रूट पर तीन गाड़ियों का संचालन हो रहा है, जबकि दो गाड़ियों का संचालन रुका है। ट्रेन निरस्त होने का कोई कारण पता नहीं है।