पडरौना। लंबित विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए पुलिस ने नया प्रयोग शुरू किया है। जिले के सभी विवेचकों को प्रत्येक रविवार को नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी क्रम में रविवार को पुलिस कार्यालय सभागार में दूसरी कार्यशाला आयोजित की गई। विवेचना की गुणवत्ता सुधारने और कानूनी त्रुटियों को कम करने पर जोर दिया गया।
एसपी केशव कुमार के निर्देश पर आयोजित कार्यशाला में जमानत आख्या, 19 बिंदुओं की रिपोर्ट, गुंडा-गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, एफआईआर, रिमांड, डीपी एक्ट, एविडेंस एक्ट और महिला संबंधी अपराधों की विवेचना में होने वाली त्रुटियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विवेचकों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
कार्यशाला में एससी/एसटी कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश इफराक अहमद, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा, क्षेत्राधिकारी सदर अजय कुमार सिंह, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार पाण्डेय, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह, विशेष लोक अभियोजक महेंद्र गोविंद राव, पीओ स्वाती मौर्या और एपीओ सुशील कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।एएसपी सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि प्रत्येक रविवार रोस्टर के अनुसार ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से विवेचकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि अपराधों की विवेचना उच्च गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरी हो सके