पडरौना। शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए मुख्य पश्चिमी गंडक नहर पर पुल निर्माण को लेकर तकनीकी पेच फंस गया है। शहरवासियों को जाम से निजात के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। नहर पर दूसरा पुल बनवाने के लिए जिला प्रशासन ने सर्वे के बाद एनएचएआई से प्रस्ताव तैयार कराकर सिंचाई विभाग को एनओसी के लिए भेजा था। सिंचाई विभाग ने कमियां बताकर प्रस्ताव लौटा दिया है।
पुल निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए सिंचाई विभाग की एनओसी नहीं मिली है। सिंचाई विभाग का कहना है कि गंडक नहर पर पुल निर्माण के लिए जो नक्शा एनओसी के लिए मिला है, वह विभाग के मानक के विपरीत है। इसलिए एनओसी नहीं दी जा सकती है। इस नहर पर पुल निर्माण के लिए सिंचाई विभाग ने मानक की जानकारी देते हुए विभाग को संशोधित ड्राइंग के साथ एनओसी के लिए कागजात प्रस्तुत करने के लिए कहा है। सिंचाई विभाग ने यह भी कहा है कि पुल निर्माण को लेकर विभाग के सहायक अभियंता से नहर का कोई डाटा नहीं लिया गया है।
पडरौना शहर मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के चलते दो हिस्सों में बंटा हुआ है। लेकिन शहर में प्रवेश और बाहर निकलने के लिए मुख्य पश्चिमी गंडक नहर पर इकलौता पुल है। इसके चलते आए दिन वाहनों का लंबा जाम लग जाता है। जाम में लोगों को घंटों तक फंसा रहना पड़ता है। यह प्रत्येक सोमवार को दुश्वारियों भरा हो जाता है,जब सप्ताह के पहले कार्य दिवस को वाहनों व लोगों के आवागमन का दबाव बढ़ता है। सुबह 10 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक नहर पुल के चारों तरफ सिर्फ वाहनों की लंबी कतार ही देखने को मिलती है। हालांकि यातायात पुलिस शहर के हर चौराहों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु कराने के लिए लगी रहती है लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ता है। जाम के झाम में लोग फंसे रहते हैं।
शहरवासियों को जाम से निजात दिलाने के लिए मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के किमी. 85.767 पर नए पुल बनाने के मामले में कुशीनगर सिंचाई खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता ने बीते 29 दिसंबर 2025 को अधिशासी अभियंता,राष्ट्रीय मार्ग खंड,लोक निर्माण विभाग,गोरखपुर को पत्र भेजा। सहायक अभियंता द्वितीय पडरौना कुशीनगर के 26 दिसंबर 2025 के पत्र मेें मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के किमी. 85.767 पर पुराने तीन स्पान के पुल को तोड़कर कर दो स्पान के दो नए पुल के लिए एनओसी की मांग की गई थी। लेकिन, सिंचाई विभाग ने यह कहते हुए एनओसी देने से इन्कार कर दिया है कि ड्राइंग में दो स्पान का पुल प्रस्तावित है जो विभागीय मानक के अनुरूप नहीं है। यहां एक अथवा तीन स्पान का ही पुल प्रस्तावित किया जा सकता है। सिंचाई विभाग ने यह भी कहा है कि प्रस्ताव में नहर का कोई डाटा सहायक अभियंता ने प्राप्त नहीं कराया है।
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कमियों को दूर करते हुए संशोधित प्रस्ताव की मांग
सिंचाई विभाग ने एनओसी को लेकर विभाग से कमियों को दूर करते हुए मानक के अनुसार ड्राइंग उपलब्ध कराने की मांग की है। मानक के अनुसार ड्राइंग व संशोधित प्रस्ताव मिलने के बाद विभाग के सक्षम अधिकारियों की तरफ से स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा,उसके बाद ही एनओसी दी जा सकेगी।
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वर्जन
पुल निर्माण को लेकर सिंचाई विभाग की तरफ से ड्राइंग में कुछ परिवर्तन करने के लिए निर्देश मिले हैं। उस क्रम में परिवर्तन किया जा रहा है। एनओसी के लिए परिवर्तित प्रपत्र जल्द ही सिंचाई विभाग को भेज दिया जाएगा। ताकि नहर पर पुल निर्माण का तकनीकी पेच दूर हो जाए और आगे की कार्रवाई आरंभ की जा सके। -अवधेश प्रसाद,जेई, एनएच
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शहरवासी बोले
पडरौना शहर में प्रवेश करने के लिए गंडक नहर पर सिर्फ एक पुल है, जो वर्तमान ट्रैफिक दबाव को देखते हुए नाकाफी साबित हो रहा है। नहर पर नया पुल बना दिया जाए तो लोगों को राहत मिलेगी और जाम से स्थायी निजात मिल जाएगी। प्रशासन को इसके लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। -सुरेश शर्मा, शहरवासी
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शहर में सोमवार को लगने वाले वाहनों के जाम से हर कोई परेशान रहता है। इसकी प्रमुख वजह शहर में जिला मुख्यालय व दूसरे रूटों से आने जाने वाले वाहनों को गंडक नहर के पुल से ही गुजरना है। यहां कोई दूसरा विकल्प नहीं है, इसलिए वाहनों का लंबा जाम लग जाता है। -ध्रुप सिंह, शहरवासी
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पुल के नक्शे में सुधार करते हुए तैयार करने के लिए एनएच के जिम्मेदारों को निर्देशित किया गया है। जल्द ही एनएच की ओर से कमियों को दूर करते हुए नया नक्शा एनओसी के लिए सिंचाई विभाग को भेजा जाएगा। इससे नहर पर पुल बनवाने का रास्ता साफ हो जाएगा और लोगों को जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। -मनीष जायसवाल, सदर विधायक,पडरौना