कुशीनगर। कोन्हवलिया-जवहीदयाल के बीच गौरहा गांव के पास एपी बांध के कटान स्थल पर बचाव कार्य शुरू हो गया है। गांवों से लोगों को निकालने में टीमें जुटी है। बांध के दोनों तरफ मरम्मत का काम चल रहा है। इस बीच 10 और गांवों के बाढ़ की चपेट में आने की सूचना है। बुधवार सुबह छह बजे से एपी बांध पर दबाव कम हुआ है लेकिन अहिरौली दान गांव के पास नदी का दबाव गया है।
सोमवार की देर रात एपी बांध टूटने से 30 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। मंगलवार की आधी रात के बाद नारायणी नदी का पानी कम होने लगा और बुधवार को सुबह 6 बजे कटान स्थल पर बहाव कम हो गया। दोपहर करीब एक बजे से बाढ़ खंड के इंजीनियरों की मौजूदगी में कटान स्थल पर बंधे के दोनों तरफ दो पोकलेन, दो जेसीबी के अलावा 100 से अधिक मजदूर काम पर लगे रहे। दो दिन के अंदर रिंग बांध को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके बाद मुख्य बंधे को बांधने का कार्य शुरू होगा। मंगलवार की रात 12 बजे के बाद सिसवा नाहर, खैरटिया समेत क्षेत्र के दस गांवों में पानी पहुंच गया है। बुधवार को पूरे दिन गांव में फंसे लोगों को निकालने में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम जुटी रही।
नेपाल की पहाड़ियों पर बारिश के बाद नारायणी नदी (गंडक) में 5.50 लाख क्यूसेक से अधिक डिस्चार्ज से एपी बंधे पर दबाव बढ़ गया। दस से अधिक स्थानों पर रिसाव होने लगा। सोमवार की रात 10.30 बजे गौरहा गांव के पास रैट होल से पानी निकलने लगा। बाढ़ खंड के अधिकारियों के सामने बांध टूट गया और गांवों में पानी भरने लगा। प्रशासन ने गांवों तटवर्ती गांवों को खाली कराया, बंधे पर देर रात को आयुक्त, एडीजी जोन, डीएम, एसपी पहुंच गए। मंगलवार को 100 मीटर तक बंधा कट गया। बहाव तेज होने के कारण बंधे को बांधने का कार्य शुरू नहीं हो सका। मंगलवार की रात से नदी का जलस्तर कम होने लगा। सुबह 6 बजे कटानस्थल पर पानी का बहाव कम हो गया। बंधे पर इकट्ठा किए गए बोल्डर, मिट्टी से भरी बोरियों को ट्रैक्टर-ट्राली की मदद से कटान स्थल पर पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। बाढ़ खंड के इंजीनियरों की मौजूदगी में मुख्य बांध से पहले पानी का बहाव रोकने के लिए रिंग बांध बनाने का कार्य दिन में एक बजे शुरू कर दिया गया है। देर रात तक कटान स्थल पर दोनों छोर पर कार्य चलता रहा। तरयासुजान थाना क्षेत्र के अहिरौलीगांव के सामने बंधे पर नदी का दबाव बढ़ गया है। बाढ़ खंड की टीम दोपहर में पहुंची और बचाव कार्य में जुट गई। सिसवा नाहर, खैरटिया समेत दस गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। नदी का जलस्तर कम होने से अफसरों ने राहत की सांस ली हैं।
-नदी का जलस्तर कम हो रहा है, कटानस्थल पर पानी का बहाव कम हो गया है, दोपहर एक बजे कटान स्थल के पास रिंग बांध बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। दो दिन के अंदर रिंग बांध तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य बंधे को बांधने में अभी समय लगेगा। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम आई है। -एमके सिंह, एक्सईएन, बाढ़ खंड कुशीनगर