संतकबीरनगर। विकासखंड बघौली के अंतर्गत कोल्हुआ लकड़ा उतरावल में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिवस कथावाचक डाॅ.धरणीधर ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि इस युग में हरि नाम का स्मरण ही जीव के कल्याण का सरल और श्रेष्ठ मार्ग है। उन्होंने गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग, बालकृष्ण की शरारतें, माखन चोरी, गो-प्रेम, कालिया नाग मर्दन और कंस के आमंत्रण पर श्रीकृष्ण का बलराम के साथ मथुरा प्रस्थान जैसे प्रसंगों का विस्तार से उल्लेख किया।
उन्होंने यह भी बताया कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का मार्ग दिखाती है, जिससे सच्चे मन से भगवान का स्मरण करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। माखन लीला, गोवर्धन धारण और कंस के अत्याचारों से पंचतत्व की अशुद्धि और भगवान द्वारा उनके शुद्धिकरण का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इसमें तृणावर्त वध से वायु, मृदा भक्षण से धरती, कालिया नाग के दमन से जल, व्योमासुर वध से आकाश और अग्नि पान से अग्नि तत्व के शुद्धिकरण का उल्लेख किया गया।
कथा के दौरान राधेश्याम राय, सांसद लक्ष्मीकांत पप्पू निषाद, लक्ष्मी राय, अजीत राय, शेषनाथ पांडेय, अनुराग पांडेय, अर्जुन पांडेय, शनि पांडेय, प्रमोद राय, अश्वनी राय आदि लोग मौजूद रहे।