कुशीनगर। रामकोला में सराफा कारोबारी से छिनैती के मामले में गिरफ्तार आरोपियों का नेटवर्क पूर्वांचल में सक्रिय था। अपराध को अंजाम देने से पहले वह बाकायदा स्पोर्ट्स बाइक से रेकी करते, इसके बाद वारदात को अंजाम देते थे। पिछले पांच वर्षों में इस गैंग से जुड़े अपराधियों ने कुशीनगर के अलावा गोरखपुर के पिपराइच, शाहपुर आदि इलाकों में वारदात को अंजाम दिया था। इसके अलावा जिले स्तर पर भी समय समय पर गैंग के सदस्य छिनैती, लूट, चोरी और नकबजनी को अंजाम देते थे। लूट और छिनैती भले ही कहीं करें, लेकिन इसे खपाने के लिए यह बदमाश बस्ती का रुख करते थे। मुंडेरवा बस्ती का आभूषण विक्रेता राजेश वर्मा इनकी मदद करता था। वह गहने लेकर इसके एवज में उन्हें सिक्के और ईंट दे देता था। राजेश के संपर्क में रहने वाले गैंग के बाकी सदस्यों तक पहुंचने के लिए पुलिस गोरखपुर और बस्ती पुलिस की मदद ले रही है।
रामकोला क्षेत्र में एक सप्ताह पूर्व हुए लूट कांड में गिरफ्तार आरोपियों के कनेक्शन पूर्वांचल से जुड़े हैं। इस गैंग के सदस्य अलग-अलग जगहों पर कार्यों के लिए जुड़े थे। स्पोर्ट्स बाइक से पहले यह इलाकों की रेकी करते और फिर सुनसान इलाके में घटना को अंजाम देने का खाका तैयार होता। इनके कब्जे से बरामद छह गाड़ियों में तीन स्पोर्ट्स बाइक हैं। पूर्वांचल में कुशीनगर से गोरखपुर और बस्ती तक सक्रिय इस गैंग के सदस्यों में किसी की जिम्मेदारी रेकी करने तो किसी की लूट को अंजाम देने की थी। इसमें कुछ सदस्य लूट और छिनैती के बाद आभूषण को ठिकाने लगाने के लिए बस्ती का रुख करते थे, जिनमें अहम भूमिका बस्ती के मुंडेरवा निवासी आभूषण व्यवसायी राजेश वर्मा अदा करता था। चर्चित आभूषण व्यवसायी के जरिए सोना-चांदी को गला कर आभूषण की ईंट या सिक्के तैयार करा लेते थे। चोरी व लूट में मिले आभूषण के अलावा अन्य सामानों को विभिन्न बाजारों में पहुंचाने की जिम्मेदारी बाकी के सदस्यों की होती थी। पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से गोरखपुर, कुशीनगर के अलावा बस्ती में सक्रिय रहने वाले इन अपराधियों ने बड़ा नेटवर्क खड़ा कर रखा था। गैंग के बाकी सदस्यों तक पुलिस पहुंचने के लिए काम कर रही है।
एएसपी रितेश कुमार सिंह ने बताया कि गैंग के सदस्यों को जेल भेजा जा चुका है। इनके संपर्क में रहने वालों को ट्रेस कराया जा रहा है। पुलिस टीम इसके लिए लगी है।