पडरौना शहर के रामकोला रोड स्थित पेट्रोल पंप पर लगा भीड़। संवाद
पडरौना। ईंधन की भरपूर आपूर्ति के किए जा रहे प्रशासनिक दावे धरातल पर पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। जिले में सिर्फ 17 पेट्रोल पंपों के ड्राई होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत इससे भी भयावह है। पंपों पर दिनभर तेल के लिए मारामारी हो रही है। लोग एक पंप से दूसरे पंप के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। हंगामे की आशंका में जिला प्रशासन ने नोडल अधिकारी और पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया है, ताकि उनकी निगरानी में ही शांतिपूर्ण माहौल में ईंधन वितरण हो सके।
जिले के 17 पेट्रोल पंप पूरी तरह सूख चुके हैं। इनमें तीन पंपों पर पेमेंट के अभाव में तेल की आपूर्ति रोक दी गई है। इससे संकट और गहरा गया है। प्रशासन का दावा है ड्राई 14 पंपों पर कुछ घंटों में तेल की आपूर्ति हो जाएगी। इनके वाहन रास्ते में हैं। इनके पहुंचते ही पेट्रोल पंपों से ईंधन मिलना शुरू हो जाएगा। पंपों पर ग्राहकों की भीड़ और तेल न मिलने से उत्पन्न आक्रोश को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस की मौजूदगी में सीमित मात्रा में ईंधन का वितरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कई पंपों पर सुबह से ही लोग गाड़ियों के साथ कतार में खड़े नजर आए। चिलचिलाती धूप के बीच घंटों इंतजार के बाद भी कई पंपों पर तेल नहीं था। खेती-किसानी और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोग प्रभावित हो रहे हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक, आपूर्ति चेन में केवल तेल की कमी ही नहीं, कुछ पंप संचालकों की ओर से समय पर भुगतान न कर पाने के कारण भी डिपो से गाड़ियां नहीं भेजी गईं।
पडरौना शहर के रामकोला रोड स्थित पेट्रोल पंप पर लगा भीड़। संवाद
पडरौना शहर के रामकोला रोड स्थित पेट्रोल पंप पर लगा भीड़। संवाद