छितौनी। छितौनी कस्बे की सब्जी मंडी में ड्यूटी के दौरान शनिवार की रात जिस पीआरडी के जवान रमाकांत तिवारी की हत्या कर दी गई, उनकी किसानों के नेता के रूप में भी पहचान थी। क्षेत्र के किसानों के लिए उनकी ओर से किया गया आंदोलन सार्थक रहा। हाल के दिनों में वर्षों से चल रहे किसान व रेलवे की जमीन के विवाद का निपटारा भी उनके आंदोलन के बाद ही हुआ था। उनकी हत्या से क्षेत्र के किसानों में भी आक्रोश है।
खड्डा क्षेत्र के करदह के तिवारी टोला निवासी रमाकांत तिवारी पीआरडी जवान के साथ भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष भी थे। कुशीनगर के अलावा अन्य जिले के किसानों के हितों को लेकर अक्सर आंदोलन को लेकर भी वह चर्चा में रहा करते थे। उन्होंने उन गरीब परिवारों की भी मदद की थी, जिनका कोई सहारा नहीं था। कुछ दिन पहले ही पनियहवा में रेलवे की ओर से किसानों की जमीनों पर अवैध अतिक्रमण के मामले में उन्होंने सैकड़ों किसानों के साथ जब आंदोलन करने के लिए खड्डा एसडीएम का घेराव किया तो अफसरों में खलबली मच गई।
उनके आंदोलन की ही देन रही कि रेलवे प्रशासन को झुकना पड़ा था। कभी किसी नेता व अधिकारी की बातों को नहीं सुनने वाला रेलवे प्रशासन हाल ही में रेलवे व राजस्व की संयुक्त टीम गठित कर पांच दिसंबर को पैमाइश कर किसान व रेलवे के विवाद को समाप्त करा किसानों को उनकी जमीनों पर कब्जा दिलाने का निर्णय लिया था। उनकी हत्या की जानकारी होते ही दरवाजे पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। सभी इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपी युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। संवाद