संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। धर्मांतरण और यौन शोेषण की शिकर पडरौना कोतवाली के एक गांव की रहने वाली पीड़िता मंगलवार को मीडिया के सामने आई और अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि बेहतर जिंदगी का झांसा देकर कदम-कदम पर उसका शोषण किया गया।
उसने बताया कि वर्ष 2017 में वह 17 साल की थी और कुशीनगर के एक कॉलेज में हाईस्कूल में पढ़ रही थी। उसी दौरान कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में नगर पंचायत तमकुहीराज के गुदरी मोहल्ला, तरया रोड निवासी रफी खान उर्फ बबलू से उसकी मुलाकात हुई। मुलाकात के दौरान रफी ने उसकी गरीबी दूर करने का सपना दिखाकर उसे झांसे में ले लिया और उसका यौन शोषण करने लगा।
इसके बाद वर्ष 2018 में उसने नगर पंचायत तमकुहीराज के वार्ड नंबर चार निवासी नौशाद खान से उसकी मुलाकात कराई। नौशाद ने भी उसका शोषण किया। वह जबरन उससे शादी करना चाहता था लेकिन उसने इन्कार कर दिया। इसके कुछ महीनों बाद रफी व नौशाद अपने एक मित्र के साथ उसे बलरामपुर के उतरौला में मजार पर ले गए, जहां जमालुद्दीन उर्फ छांगुर ने जबरन उसका धर्म परिवर्तन कराया और नाम भी बदल दिया। उन्होंने नौशाद से उसका निकाह भी करा दिया। छांगुर बाबा ने धर्मांतरण में अपनी शिष्या नीतू रोहरा उर्फ नसरीन की मदद ली। निकाह के बाद नौशाद उसे लेकर मुंबई चला गया और वहां उसका जबरन यौन शोषण किया।
कुछ दिनों बाद नौशाद उसे लेकर कुशीनगर आ गया और कसया नगर पंचायत के एक वार्ड निवासी रियल एस्टेट कंपनी रेल हिल्स के मालिक आलमगीर अंसारी के घर काम पर रखवा दिया। वहां से मिलने वाला पगार भी नौशाद ले लेता था। इस दौरान रियल एस्टेट कारोबारी ने भी पीड़िता से दुष्कर्म किया। जब यह बात पीड़िता ने नौशाद से बताई तो उसने इसके बदले कारोबारी से पैसे वसूल लिए। काम के दौरान कुछ अन्य लोगों ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का आरोप है कि कुछ दिनों बाद जब आरोपियों की गिरफ्तारी जाली नोट कांड में हुई तो पीड़िता कार्रवाई के लिए तमकुहीराज थाने पहुंची, वहां मौजूद एक दीवान इम्तियाज ने उसका प्रार्थना पत्र फाड़ दिया और उसे नौशाद के घर लेता गया।
बाद में उसने भी उसके साथ दुष्कर्म किया और गंभीर हालत में मरा समझकर समउर रोड स्थित झरही नदी के किनारे फेंक आए। इसके बाद पीड़िता का आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई से मोह भंग हो गया।