दुष्कर्मी प्रधानाचार्य को 14 साल की सजा, 25 हजार जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/खड्डा। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने तरयासुजान थाना क्षेत्र में पांच वर्ष पूर्व एक विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा फार्म भरने के नाम पर एक नाबालिग छात्रा को विद्यालय बुलाकर दुष्कर्म किए जाने के मामले की मंगलवार को सुनवाई की। उन्होंने प्रधानाचार्य को दोषी मानते हुए 14 वर्ष का सश्रम कारावास और 25 हजार का रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) फूलबदन ने बताया कि तरयासुजान थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली नाबालिग कक्षा 11वीं की छात्रा थी। मार्च 2015 में प्रधानाचार्य ने फार्म भरने के नाम पर उसे विद्यालय बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। इस घटना में तरयासुजान पुलिस ने प्रधानाचार्य अजमुद्दीन के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। वह जमानत पर बाहर था। इस मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अमित कुमार तिवारी ने गवाहों की बयान सुनने के बाद उसको दोषी मानते हुए 14 वर्ष के सश्रम कारावास और तीनों धाराओं में 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।