उन्होंने कहा कि मौजूद चिकित्सकों ने सुरक्षा को लेकर गार्ड के अलावा बाउंसर तक सिक्योरिटी एजेंसियों के माध्यम से रखे जाने की बात कही। चिकित्सकों का आरोप है कि पुलिस ने नियम विरुद्ध और दबाव में आकर डॉ. अर्चना पर बिना जांच ही किए हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। इससे वह अवसाद अवस्था में पहुंच गई थीं। चिकित्सकों ने कहा कि ऐसे मामले होने पर पुलिस और प्रशासन को नियमानुसार और सुप्रीम कोर्ट के लिए फैसले के अनुसार ही कदम उठाए जाना चाहिए।
राजस्थान में महिला डॉक्टर ने पिछले दिनों लगा ली थी फांसी
दौसा जिले में स्थित लालसोट शहर के कोथून रोड पर संचालित एक हॉस्पिटल की महिला चिकित्सक डॉ. अर्चना शर्मा ने बीते मंगलवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके अस्पताल में डिलीवरी के दौरान एक महिला की मौत हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने महिला डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया था। डॉक्टर इसी से आहत थीं।
इस मौके पर डॉ. अनिल श्रीवास्तव, डॉ. पवन कुमार खरवार, डॉ. विवेक सिंह, डॉ. आफताब हुसैन, डॉ. आरएस यादव, डॉ. एमएच खान, डॉ. बीएन तिवारी, डॉ. संजय पटेल, डॉ. केपी गोंड, डॉ. अजय कुमार, डॉ. दिव्या शुक्ला, डॉ. अभिषेक, डॉ. विकास,डॉ. रवि, डॉ. पीएन, डॉ. रवि जायसवाल, डॉ. बीएन सिंह, डॉ. रमायन सिंह आदि मौजूद थे।