पकवा इनार (कुशीनगर )। थाई मोनास्ट्री के तरफ से कुशीनगर स्थित थाई मंदिर से पवित्र बुद्ध धातु शोभायात्रा रविवार को दोपहर में निकाली जाएगी। इसमें आकर्षक वेशभूषा में थाई कलाकार नृत्य व संगीत के साथ थिरकते हुए चलेंगे। इसके अलावा तमाम स्कूलों के छात्र-छात्राओं की ओर से सनातन संस्कृति से जुड़ी झांकियां निकाली जाएंगी। पूरा माहौल ही बुद्ध मय हो जाएगा। इसकी सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।
इसके पूर्व थाई मंदिर की ओर से बीते 20 फरवरी को संगीत व 21 फरवरी को चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित हुई है। इसमें 28 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया है। वहीं, शनिवार को तीन दिवसीय निशुल्क चिकित्सा शिविर का भी थाई क्लीनिक की तरफ से शुरू किया गया। इसमें मरीजों की निशुल्क जांच कर दवाएं दी गई। थाई मंदिर के जन संपर्क अधिकारी अंबिकेश त्रिपाठी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी थाई मंदिर से पवित्र बुद्ध धातु शोभायात्रा रविवार को निकाली जाएगी। शोभायात्रा में कुशीनगर स्थित श्रीलंका, जापान, थाईलैंड, वर्मा, कंबोडिया, कोरिया, तिब्बत समेत धर्मशाला, मठ व मंदिरों के प्रभारी आकर्षक रथों पर सवार होकर आकर्षक झांकियों के साथ निकलेंगे।
बुद्ध के उपदेशों व सिद्धांतों की स्वर लहरियों से कुशीनगर गुंजायमान होगा। इसमें स्कूलों के बच्चे व स्थानीय लोगों का हुजूम शामिल होगा। शोभायात्रा पहले दिन थाई मंदिर से मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंचेगा, जहां बौद्ध धर्मावलंबी, उपासक-उपासिकाएं व गणमान्य लोग 6.1 फुट भव्य व स्वर्ण आभायुक्त लेटी प्रतिमा का शीश नवाकर दर्शन करेंगे। चीवर चढ़ाकर विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। वहीं, 24 फरवरी की सुबह शोभायात्रा मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर से निकलेगी। जहां से बौद्ध भिक्षुओं का समूह पैदल ही बुद्ध के अंतिम संस्कार स्थल रामाभार स्तूप पहुंचेगा। वहां, परिक्रमा करेंगे, तत्पश्चात कैंडल जलाकर घंटों ध्यान मुद्रा में विश्व कल्याण व शांति के लिए पूजा अर्चना करेंगे। इसके अलावा संगीत और चित्रकला प्रतियोगिता में स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
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शोभायात्रा को लेकर थाई कलाकार पहुंचे
कुशीनगर में थाई मंदिर से निकाले जाने वाली पवित्र बुद्ध धातु शोभायात्रा से जुड़े थाई कलाकार का दल पहुंच चुका है। शनिवार को कलाकारों का समूह मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंच कर लेटी प्रतिमा का दर्शन किया। चीवर चढ़ाया और प्राचीनता व ऐतिहासिकता से अवगत हुए। ये सभी कलाकार दो दिवसीय शोभायात्रा में थाई संस्कृति का जलवा बिखेरेंगे।