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Kushinagar News: पहले भी दो बार सील हो चुका है निजी अस्पताल, विभागी सांठगांठ से हो रहा संचालन

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-नवजात की मौत के बाद अस्पताल छोड़कर भागा, 15 दिन पूर्व निजी अस्पतालों को दिया गया था नोटिस
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-आशा कार्यकर्ता, एएनएम से मांगा स्पष्टीकरण, पीड़ित परिजन ने अस्पताल संचालक पर कार्रवाई की मांग की
पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कौवासार एएनएम सेंटर पर पहुंची गर्भवती महिला को निजी अस्पताल में भेजने के मामले की जांच शुरू हो गई है। आशा कार्यकर्ता और एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं क्रांति चौराहा पर संचालित बाबा अस्पताल के ओटी सील कर दिया गया है। इसके पूर्व भी दो बार शिकायत पर ओटी सील इस अस्पताल की हुई थी लेकिन विभागीय सांठगांठ से अस्पताल का संचालन होता रहा।
कौवासार निवासी गोविंद की पुत्री रेखा को प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार की देर रात को कौवासार स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, हालत गंभीर बता वहां तैनात एएनएम ने महिला को क्रांति चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में भेज दिया। परिजन के अनुसार निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला के पेट में कथित रूप से दो जगह चीरा लगाकर बच्चे को बाहर निकाला गया। जन्म के बाद नवजात की तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई।
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निजी अस्पताल और एएनएम सेंटर पर हंगामा की सूचना पर पुलिस और सीएचसी के अधीक्षक डॉ. रजनीश श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम पहुंची लेकिन अस्पताल संचालक नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ओटी को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की अभी तक की जांच में बाबा अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहा था। इसे बंद करने के लिए 15 दिन पूर्व नोटिस जारी किया गया था लेकिन संचालक नहीं अस्पताल बंद नहीं किया।
नवजात की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो गया है। नेबुआ नौरंगिया सीएचसी के अधीक्षक डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि एएनएम रेनू पटेल और आशा कार्यकर्ता सुभावती से स्पष्टीकरण मांगा गया है। आरोप के आधार पर जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया जांच में बाबा अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। 15 दिन पूर्व शिकायत मिलने पर नोटिस जारी किया गया था।
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वर्जन
नवजात की मौत का मामला संज्ञान में है। जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। एएनएम, आशा कार्यकर्ता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। निजी अस्पताल संचालक के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होगी।
-डॉ. चंद्रप्रकाश, सीएमओ कुशीनगर
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