पडरौना। पडरौना-कप्तानगंज मार्ग पर कप्तानगंज के रास्ते गोरखपुर तक सुबह के समय निगम की केवल एक बस का संचालन होता है। यह बस शाम को कप्तानगंज के रास्ते वापस पडरौना आती है। दिन में इस मार्ग पर बस का संचालन नहीं होने से लोगों को पडरौना आने या कप्तानगंज जाने के लिए टेंपो का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में यात्रियों को आवागमन में परेशानी होने के साथ अधिक किराया भी खर्च करना पड़ता है। पडरौना डिपो के बेड़े में निगम की कुल 40 बस हैं। इसमें से पडरौना-कप्तानगंज पर रामकोला और कप्तानगंज के रास्ते गोरखपुर तक सुबह करीब सात बजे एक बस का संचालन होता है। यही बस शाम को इन्हीं मार्गाें से होकर वापस पडरौना आती है। दिन के समय कप्तानगंज और उसके आसपास के गांव के लोगों को जिला मुख्यालय पडरौना आने के लिए टेंपो का सहाना लेना पड़ा है।
टेंपो चालक पांच यात्री की जगह नियमों का उल्लंघन कर 10 से 12 सवारी बैठाते हैं। यह नहीं पडरौना से कप्तानगंज की दूरी महज 30 किलोमीटर है। निगम की बस से यह दूरी तय करने के लिए लोगों को केवल 45 रुपये किराया देना पड़ता है। वहीं टेंपो से यात्रा करने पर लोगों को 80 रुपये किराया चुकाना पड़ता है। रविवार को टेंपो से पडरौना से कप्तानगंज जा रहे सुनील सिंह, मृत्युंजय जासवाल, प्रवीण कुमार, सत्येंद्र गुप्ता आदि ने बताया कि पडरौना-कप्तानगंज टू लेन सड़क बनने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि इस मार्ग पर निगम की बसों की संख्या बढ़ेगी, लेकिन करीब पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी इस मार्ग पर अब तक नियमित बसों का संचालन नही हुआ।
पडरौना से कई लोग कप्तानगंज रेलवे जक्शन पर ट्रेन पकड़ने जाते हैं। यही नहीं कप्तानगंज और उसके आसपास गांव के लोग सरकारी कार्यालयाें में अपना कार्य निपटाने हर रोज आते हैं। उन्हें या तो अपने नीजी साधन से पडरौना आना पड़ता है या टेंपो का सहारा लेना पड़ता है। इससे लोगों को अधिक समय के साथ किराए के नाम पर करीब दूना रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इस संबंध में पडरौना डिपो के एआरएम जयप्रकाश प्रधान ने बताया कि पडरौना-कप्तानगंज मार्ग पर बसों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए शासन से बस की मांग की गई है।