तमकुहीरोड। एपी बांध के जवही दयाल और अहिरौलीदान क्षेत्र में गंडक नदी से हुए नुकसान के बाद तटबंधों की सुरक्षा मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। नदी की धारा को तटबंधों से दूर करने के लिए बीच धारा में जमा सिल्ट हटाने (ड्रेजिंग) की योजना तैयार की जा रही है।
शनिवार को लखनऊ से आई मैकेनिकल टीम ने बाढ़ खंड के अभियंताओं के साथ अमवा बांध से अहिरौलीदान तक नदी का सर्वे किया। विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
अधीक्षण अभियंता विजय कुमार और अधिशासी अभियंता कुमार गौरव के नेतृत्व में पहुंची टीम ने अमवा, नरवाजोत और एपी बांध के आसपास नदी की धारा तथा तटबंधों पर पड़ रहे दबाव का आकलन किया।
बाढ़ खंड के एसडीओ दीपरतन सिंह के अनुसार, नदी के बीच बड़ी मात्रा में सिल्ट जमा होने से प्रवाह प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर धारा तटबंधों की ओर मुड़ने से कटान का खतरा बढ़ गया है। अभियंताओं का मानना है कि नदी के मध्य में जमा सिल्ट हटाकर प्रवाह को मुख्य धारा में बनाए रखने से तटबंधों पर दबाव कम किया जा सकता है।
हालांकि, इसके लिए तकनीकी अध्ययन के आधार पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
इस वर्ष जवही दयाल में एपी बांध को क्षति पहुंचने और अहिरौलीदान में कटान से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई थी।
इससे 20 से अधिक गांवों के लोगों को बाढ़ की समस्या झेलनी पड़ी। मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण के बाद तटबंधों की सुरक्षा के लिए स्थायी उपाय किए जाने की उम्मीद बढ़ी है।
सर्वे के दौरान बाढ़ खंड के जेई रमेशधर दुबे, सुनील यादव, अमर श्रीवास्तव, अजीत सिंह, रामचंद्र प्रसाद और अभिजित सिंह सहित अन्य अभियंता मौजूद रहे।