पडरौना। फरवरी के पहले सप्ताह से सहालग की शुरुआत होने वाली है। इसमें धंधेबाज मिलावाटी दूध, पनीर और खोआ खपाने की तैयारी में हैं। ऐसे में सहालग के सीजन में रसभरी मिठाइयों की खरीदारी में ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। धंधेबाज सिंथेटिक पाउडर के दूध से छेना और खोआ आदि तैयार कर रहे हैं। इसे चमकाने के लिए सोडा आदि केमिकल का इस्तेमाल कर रहे हैं। डॉक्टर इसका सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक बता रहे हैं।
सहालग में मिठाइयों की मांग को देखते हुए धंधेबाज सक्रिय हो गए हैं। मांग पूरी करने के लिए बाहर से डिब्बाबंद मिठाई और पनीर मंगा रहे हैं। बाजार से मिठाइयों की खरीदारी करते समय मिलावट से सावधान रहने की जरूरत है। जानकारों ने कहा कि जांच परख के बाद ही बाजार से मिठाई खरीदें, मिलावटी मिठाई और पनीर बीमार कर सकते हैं। इस सीजन में मिठाई की डिमांड ज्यादा होती है।
दुकानदार भी मिठाई की डिमांड को देखते हुए बाहर से डिब्बाबंद मिठाई मंगाते हैं। यह मिठाई गोरखपुर, गोंडा, आंबेडकरनगर, बलरामपुर, अयोध्या, नवाबगंज व स्थानीय लोकल बाजार से आते हैं। ऐसे में उन्हें लेने से पहले सावधानी जरूरी है। इसमें केमिकल युक्त पाउडर, सस्ता वनस्पति घी और रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल होता है। यह शहर के तमाम जगहों पर बिक रहे हैं, जो सेहत के लिए खतरनाक है।
खाने के बाद यह पेट को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मिलावटखोर बाजार में सहालग को लेकर मिलावटी मिठाई को खपाने की तैयारी कर रहे हैं, जो आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। मिलावटखोर मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत की परवाह तक नहीं करते। दूध एवं उससे बनने वाले खोआ, पनीर आदि में मिलावट की सबसे ज्यादा आशंका रहती है।
38 नमूने मिले थे मिलावटी : खाद्य सुरक्षा विभाग भी समय-समय पर इसके विरुद्ध अभियान चलाता है। पिछले वर्ष जनवरी से शुरू हुए सहालग में खाद्य विभाग की तरफ से बेसन, दूध, रिफाइंड, चीनी, पनीर, मशाला, घी, गुड़, दाल, नमकीन, खोया, सरसो का तेल और मिठाईयों के कुल 85 नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। इसमें से अलग-अलग मिठाई समेत अन्य खाद्य पदार्थों के कुल 38 नमूने प्रयोगशाला की जांच पर खरे नहीं उतरे।