कप्तानगंज। रामकोला में 10 सितंबर को किसान शहीद दिवस इस बार ऐतिहासिक रूप से मनाया जाएगा। कार्यक्रम की सफलता के लिए कार्यकर्ता एकजुट होकर तैयारियों में जुट जाएं। सभी को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
यह बातें पूर्व राज्य मंत्री राधेश्याम सिंह ने की। वे सोमवार को कस्बा के एक होटल में आयोजित शहीद दिवस की तैयारी बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1992 में गन्ना आंदोलन के दौरान रामकोला में पडोही हरिजन और जमादार मियां शहीद हो गए थे। आंदोलन के दौरान सैकड़ों किसान उनके साथ देवरिया जेल में बंद थे। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने दोनों शहीद किसानों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष किसान शहीद दिवस मनाने का संकल्प लिया था। तभी से लगातार शहीद दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी 10 सितंबर को कार्यक्रम भव्य और ऐतिहासिक रूप से मनाया जाएगा।उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में किसानों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
इस दौरान रणविजय सिंह, शैलेंद्र प्रताप सिंह, दिग्विजय सिंह लक्ष्मण, निठुरी राजभर, पूर्व चेयरमैन योगेंद्र सिंह, दीपक सिंह, एके बादल, महात्मा प्रसाद, रमेश जायसवाल, विजय यादव, उषा अग्रहरि, कैलाश चंद्र कनौजिया, रामधारी यादव, भोला यादव, मुलायम यादव, केके यादव आदि मौजूद रहे।