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Kushinagar News: निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत, जिंदा बताकर डॉक्टर ने कर दिया रेफर, हंगामा

Mon, 24 Nov 2025 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पूनम की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन। संवाद
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रामकोला/कुशीनगर। मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार की रात को एक प्रसूता का ऑपरेशन करने से कर्मियों ने मना कर दिया। दलाल के चक्कर में पड़कर घरवालों ने रामकोला कस्बे के एक निजी अस्पताल में प्रसूता को भर्ती कराया। ऑपरेशन से महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। दूसरे दिन अचानक तबीयत बिगड़ी और प्रसूता की मौत हो गई। घरवालों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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इसके बाद डॉक्टर ने प्रसूता को जिंदा बताकर अपनी एंबुलेंस से कसया के एक निजी अस्पताल में भेज दिया, वहां जाने पर बिना एंबुलेंस से उतारे ही प्रसूता का ईसीजी कर डॉक्टर ने एक घंटे पहले मौत होने की बात कही। इस बीच दूसरे निजी एंबुलेंस से दोनों नवजात को मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया, जहां दोनों का इलाज चल रहा है।
इसके बाद परिजन शव लेकर पहुंचे तो अस्पताल बंद कर डॉक्टर फरार हो गया। प्रसूत के देवर की तहरीर पर पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। परिजनों का आरोप है कि इलाज से जुड़ा कोई भी कागजात अस्पताल संचालक की ओर से नहीं दिया गया है। रामकोला थाना क्षेत्र के सोहरौना गांव निवासी महेंद्र कुशवाहा की 30 वर्षीय पत्नी पूनम को शुक्रवार की रात करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। घरवाले महिला को टेंपो से लेकर मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में संचालित महिला अस्पताल में पहुंचे। प्रसव पीड़ा और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखने के बाद मौजूद स्टाफ नर्स ने ऑपरेशन की व्यवस्था नहीं होने और निजी अस्पताल में ले जाने को कहा।
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इसके बाद वहां मौजूद दलालों की बातों में आकर घरवाले रामकोला कस्बा के गीतांजलि हॉस्पिटल में ले गए, जहां डॉक्टर ने देर रात को ऑपरेशन किया। प्रसूता ने जुड़वा एक बेटा और एक बेटी को जन्म दिया। घरवालों का आरोप है कि शनिवार को सुबह से पूनम की तबीयत बिगड़ने लगी, कहने के बाद भी डॉक्टर ने रेफर नहीं किया और स्वास्थ्य सामान्य बताकर गुमराह करता रहा। दोपहर में अचानक पूनम की आंख बंद हो गई। शोर मचाने पर डॉ. अरविंद शर्मा आए और हालत गंभीर बताते हुए कसया के एक निजी अस्पताल में लेकर जाने को कहा, जबकि पूनम की मौत हो गई थी। डॉक्टर ने अपने अस्पताल के एक युवक को एंबुलेंस में बैठाकर आक्सीजन लगाकर भेज दिया, दूसरे एंबुलेंस से नवजात बच्चों को मेडिकल कॉलेज भेजा, जहां पीआईसीयू में दोनों का इलाज चल रहा है। कसया अस्पताल में पूनम को एंबुलेंस से उतारने से वहां के डॉक्टर ने मना कर दिया और ईसीजी करने के बाद मौत होने की बात कही। इसके बाद डॉक्टर जिस युवक को भेजा था वह फरार हो गया। परिजन शव लेकर गीतांजलि अस्पताल पर पहुंचे तो वह बंद था और डॉक्टर फोन नहीं उठा रहा था। पूनम के देवर अरविंद कुशवाहा ने रामकोला पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने गीतांजली हॉस्पिटल के डॉक्टर अरविंद शर्मा पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

हॉस्पिटल पहुंची टीम बैरंग लौटी
प्रसूता की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम रामकोला के चिकित्सा प्रभारी डॉ. एसके विश्वकर्मा के साथ शनिवार की शाम को गीतांजलि हॉस्पिटल पहुंची। अस्पताल के गेट पर एक सूचना चस्पा किया गया था, जिसमें लिखा गया था कि 22 से 30 नवंबर तक डॉक्टर नहीं बैठेंगे। अस्पताल पर कोई नहीं मिला। डॉक्टर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। पूर्व में इस अस्पताल की जांच हुई थी तो इसका रजिस्ट्रेशन मिला था, लेकिन जिस डॉक्टर के नाम से रजिस्ट्रेशन था, वह डॉक्टर नहीं मिले थे। तब इसकी जानकारी टीम ने सीएमओ को दी थी। अब अस्पताल संचालक को नोटिस दिया जाएगा।
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