तमकुहीराज। प्रसव के बाद प्रसूता की सीएचसी में मौत हो गई। नाराज तीमारदार हंगामा करने लगे और पुलिस को सूचना दिया। सीएचसी पर आई पुलिस से परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। वहीं नवजात का इलाज सीएचसी पर चल रहा है। सीएचसी अधीक्षक ने मामले की जांच के लिए निर्देश दिया है।
नगर पंचायत तमकुहीराज के वार्ड नंबर सात सरदार पटेल नगर निवासी अमन पटेल की पत्नी सुप्रिया देवी (23) को बृहस्पतिवार को सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद परिजन गर्भवती महिला को लेकर सीएचसी पर पहुंचे। यहां तैनात डॉ. सलोनी जायसवाल, स्टॉफ नर्स प्रियंका जायसवाल व नेहा गुप्ता ने इलाज शुरू किया। महिला का सामान्य प्रसव दिन में करीब 10.50 बजे प्रसूता ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद अचानक महिला की तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टर ने महिला को इलाज के बाद कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन महिला को लेकर मेडिकल कॉलेज जा रहे थे कि रास्ते में मौत हो गई। इसके बाद शव को वापस लेकर सीएचसी पर पहुंचे। इसकी सूचना पर मिलते रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग भी पहुंच गए। नाराज लोगों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। परिजनों का आरोप है कि अगर सही तरीके से इलाज हुआ होता तो शायद प्रसूता की जान बच गई होती। घर वालों का आरोप है कि महिला की सीएचसी में ही मौत हो गई थी, इसे जिंदा बताकर डॉक्टर ने रेफर किया था। इस घटना के बाद नगर के लोग भी सोशल मीडिया पर सीएचसी में तैनात डॉक्टरों की लापरवाही का जिक्र करते हुए अपने-अपने तरीके से पोस्ट करने लगे। इसको लेकर करीब एक घंटे तक सीएचसी पर गहमा गहमी का माहौल रहा। लोगों को तेवर देख डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौके से गायब हो गए। थानाध्यक्ष सुशील शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह का पता चलेगा। सीएचसी अधीक्षक तमकुहीराज डॉ. अमित राय ने कहा कि महिला का समान्य प्रसव हुआ, बच्चा स्वस्थ्य है। अचानक महिला की तबीयत बिगड़ी। इलाज के बाद डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज कुशीनगर के लिए रेफर किया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। आरोप के आधार पर इसकी जांच कराई जा रही है।