पडरौना। बैठने की समुचित व्यवस्था न होने के कारण शासन के निर्देशों और
ग्रामीण योजनाओं की जानकारी रविवार को प्रधानों ने खड़े होकर ली।
दरअसल,
प्रशिक्षण के दूसरे दिन मुख्यालय के बुद्धा पार्क में शेष सात ब्लॉकों के
प्रधान प्रशिक्षण के लिए पहुंचे थे। इस दौरान कई प्रधानों ने लंच पैकेट न
मिलने पर शोर शराबा भी किया।
वहीं कई ने कोटेदारों द्वारा से गांवों
में नियमानुसार राशन और केरोसिन वितरित न होने की बात कहकर डीएसओ के सामने
विरोध जताया।सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दूसरे दिन कसया, मोतीचक, फाजिलनगर, तमकुही, सेवरही सहित सात
ब्लॉकों के ग्राम प्रधानों को बुलाया गया था।
इस दौरान डीएम लोकेश
एम के बाद अन्य अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों को शासन की योजनाओं के बारे
में जानकारी दी। वहीं डीएसओ नरेंद्र तिवारी ने जैसे ही प्रधानों को संबोधित
करना शुरू किया, प्रशिक्षण में शामिल कई ग्राम प्रधानों ने प्रदर्शन करना
शुरू कर दिया।
वे अपने गांव के कोटेदारों पर राशन वितरण में
अनियमितता और मनमानी करने का आरोप लगा रहे थे। वहां मौजूद कई प्रधानों का
कहना था कि उन्हें बैठने के लिए कुर्सियां नहीं मिलीं, जिससे उन्हें खड़े
रहना पड़ा। कुछ प्रधान लंच पैकेट न मिलने से नाराज दिखे।
प्रशिक्षण
के दौरान हंगामे के संबंध में डीपीआरओ आरके भारती इससे इंकार किया। कहा
1200 लोगों के लिए लंच पैकेट का इंतजाम किया गया था।कुर्सियां भी भरपूर
मंगाई गईं थीं। हालांकि डीएसओ के संबोधन के दौरान कुछ प्रधानों ने
कोटेदारों के बारे में शिकायत की।
राशनकार्ड को लेकर कुछ प्रधानों
ने शोर शराबा किया था, लेकिन बाद में उन्हें शांत कर दिया गया।बहरहाल,
शोर-शराबे और हंगामे के बीच ग्राम प्रधानों का प्रशिक्षण संपन्न हो गया।
स्टेट
प्रशिक्षक विवेक गंगवार ने भी प्रधानों को भी शासन की गाइडलाइन,
डॉक्यूमेंट, स्वच्छता, शौचालय, लोहिया व इंदिरा आवास सहित सभी योजनाओं के
बारे में जानकारी दी गई।
इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी रामपाल
यादव, ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन के डीपीसी बृजेशनाथ तिवारी सहित सभी एडीओ
पंचायत व अन्य अधिकारी मौजूद थे।