पडरौना। मंगलवार की देर रात फॉल्ट ठीक करते समय करंट लगने से बिजली मिस्त्री की मौत से नाराज संविदाकर्मियों ने दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार किया। संविदा पर कार्यरत सभी बिजली मिस्त्री बृहस्पतिवार को अधीक्षण अभियंता देवरिया के कार्यालय चले गए।
फॉल्ट और बिजली मिस्त्रियों के कार्य बहिष्कार कर देने से बुधवार की रात से ही पडरौना शहर और हाइडिल से जुड़े गांवों में बिजली आपूर्ति बंद रही। हालांकि विभाग ने बाहर से बिजली मिस्त्रियों को बुलाकर फॉल्ट ठीक कराने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
क्षेत्र के जंगल चौरिया निवासी राकेश यादव पडरौना हाइडिल में संविदा पर लाइनमैन थे। मंगलवार की रात करीब 11 बजे उदित नारायण पीजी कॉलेज के पास टूटकर गिरी एलटी लाइन को शटडाउन लेकर बनाने गए थे। तार जोड़ते समय ही करंट आ जाने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
पडरौना हाइडिल में संविदा पर 8-9 की संख्या में बिजली मिस्त्री कार्यरत हैं, जिन्होंने बुधवार से ही हड़ताल कर दिया। फॉल्ट छोड़कर वे बृहस्पतिवार को अधीक्षक अभियंता देवरिया से मिलने चले गए।
इधर बुधवार की रात से ही कई जगह फॉल्ट होने और कोई लाइनमैन न होने के कारण बिजली आपूर्ति बंद रही। दोपहर में बिजली विभाग ने बाहर से बिजली मिस्त्री बुलाकर व्यवस्था पटरी पर लाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। देर शाम तक पडरौना शहर और इसके आसपास के लोग बिजली के अभाव में गर्मी से परेशान रहे।
इस संबंध में एसडीओ पडरौना अरविंद कुमार सिंह का कहना था कि संविदा पर 8-9 की संख्या में बिजली मिस्त्री हैं, जो हड़ताल पर हैं। बाहर से बिजली मिस्त्री बुलाकर फॉल्ट और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।