पडरौना। गर्मी बढ़ते ही बिजली व्यवस्था चरमराने लगी है। बेहतर आपूर्ति के लिए पहचाना जाने वाला कुबेरस्थान बिजली घर इन दिनों बदहाल है। ओवरलोड और लोकल फाल्ट के नाम पर कटौती से करीब 130 गांवों के हजारों उपभोक्ता परेशान हैं।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि दिन में आग लगने (अग्निकांड) और रात में ओवरलोड का बहाना बनाकर बिजली काट दी जाती है, जिससे उनकी नींद तक हराम हो गई है। उमस भरी गर्मी में बिजली की आंख-मिचौली ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। जानकारी के अनुसार, कुबेरस्थान बिजली घर से करीब 18 हजार उपभोक्ताओं को कुबेरस्थान, सिकटा और पिपरा जटामपुर फीडरों के जरिए बिजली आपूर्ति होती है। इनमें कुबेरस्थान फीडर से लगभग 9 हजार, सिकटा से 5 हजार और पिपरा जटामपुर से 4 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं। सबसे बड़ी समस्या एचटी लाइनों की है, जिनकी क्षमता लगभग 150 एम्पियर है, लेकिन इन पर करीब 290 एम्पियर तक लोड डाला जा रहा है। क्षमता से दोगुना भार होने के कारण पुराने और जर्जर तार आए दिन टूट कर गिर रहे हैं, जिससे आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दो वर्ष पहले ही इस समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों को सर्वे रिपोर्ट भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बिजली घर में सप्लाई रहने के बावजूद मरम्मत और ओवरलोड का हवाला देकर कटौती कर दी जाती है। गर्मी में बार-बार बिजली गुल होने से उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों ने विभाग से जल्द समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।