पडरौना। मेडिकल कॉलेज में सोमवार को बिजली व्यवस्था चरमराने से मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही बिजली गुल रहने से पर्ची काउंटर से ओपीडी तक उमस और गर्मी से लोग परेशान रहे। पंखे नहीं चलने से कतार में बारी का इंतजार कर रहे मरीज और उनके परिवार वाले तिलमिला उठे। दोपहर बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। इस अव्यवस्था के बीच करीब 1400 मरीजों का उपचार किया गया।
सुबह करीब आठ बजे जैसे ही कॉलेज में मरीज आने शुरू हुए, इसके पहले ही बिजली गुल हो गई। पर्ची काउंटर पर लंबी कतार में खड़े लोग पसीने से तर-बतर हो गए। ओपीडी और प्रतीक्षालय (लॉबी) में लगे पंखे बंद पड़े थे। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को उमस भरी गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। तीमारदारों का आरोप था कि कॉलेज में बैकअप और जनरेटर की व्यवस्था होने के बावजूद पंखे नहीं चलाए गए। इसके कारण ओपीडी और लॉबी में लोग गर्मी से बेहाल रहे। सीएमएस डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि बिजली आपूर्ति नहीं होने से परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद से आपूर्ति ठप रही।
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अव्यवस्था पर बोले मरीज
गैस और पेट दर्द का इलाज कराने सुबह ही आ गया था। यहां राहत मिलने के बजाय भीषण गर्मी में लाइन में खड़ा रहना पड़ा। पंखे बंद होने के कारण खड़ा होना मुश्किल हो रहा है। पेट की तकलीफ और ज्यादा महसूस हो रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन को कम से कम मरीजों के लिए जनरेटर से पंखा तो चलाना ही चाहिए। - संदीप कुशवाहा, भजन छपरा
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चक्कर आने और बीपी की समस्या है। डॉक्टर को दिखाने के लिए जब से लाइन में खड़ी हूं। अब तक पंखा हिला तक नहीं है। ऐसे में गर्मी के कारण चक्कर आने की समस्या और बढ़ गई है। ऐसा लग रहा है कि गिर जाऊंगी। मजबूरी में तीमारदार 10 नंबर कक्ष की जगह 11 नंबर में उपचार के लिए लेकर चले गए। -विजय लक्ष्मी, कुबेरस्थान