तीन उपकेंद्रों से जुडे़ सैकड़ों गांवों में आठ घंटे ठप रही आपूर्ति
बकाया भुगतान के लिए सप्लाई बंद कर संविदा कर्मियों ने दिया धरना
एसडीओ ने अधीक्षण अभियंता से वार्ता कराकर धरना समाप्त कराया
खड्डा। दो वर्ष से मानदेय नहीं मिलने से नाराज विद्युत संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह से सप्लाई ठप कर दी। उसके बाद कोटवा उपकेंद्र पर धरना दिया। एसडीओ व जेई के आश्वासन के बाद दोपहर बाद धरना समाप्त किया। हुआ। दोपहर तीन बजे के बाद आपूर्ति बहाल हुई। इस दौरान लोगों को परेशानियां का सामना करना पड़ा।
खड्डा, भीमनगर, कोटवा उपकेंद्र पर तैनात विद्युत संविदा कर्मचारियों का कहना था कि चार माह से ठेकेदार (ओरियन कंपनी) के अधीन कार्य कर रहे हैं, लेकिन मानदेय नहीं मिला। इसके पूर्व ग्लोबल इंफ्राटेक कंपनी को ठेका मिला था, उसने बीस महीने का मानदेय दबा रखा है। भुखमरी के कगार पर पहुंचे कर्मचारियों ने कुछ दिन पूर्व एसडीएम को पत्रक देकर तीस जुलाई से सप्लाई ठप कर धरने की चेतावनी दी थी। इसी क्रम में मंगलवार को तीनों जगहों की सप्लाई ठप कर धरने पर बैठे गए। इसके चलते सैकड़ों गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। दोपहर बाद एसडीओ अश्विनी चौधरी व जेई नित्यानंद ओझा मौके पर पहुंचे और आश्वासन देकर धरना समाप्त कराने की कोशिश की। अधीक्षण अभियंता विद्युत से वार्ता के बाद मानदेय भुगतान के ठोस आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया। लगभग आठ घंटे बाद सप्लाई आंशिक रूप से चालू हो गई है। धरने में अनिल कुमार श्रीवास्तव, आलोक पांडेय, संतोष यादव, धर्मेंद्र शर्मा, राजाराम सिंह, पवन, राकेश, अभिषेक, श्रीकांत, अश्विनी, हृदयेष, विनोद, शिवपूजन, अखिलेश, विजयबहादुर, वीरेंद्र, कुतुबुद्दीन, विजय आदि मौजूद रहे। जेई नित्यानन्द ओझा ने बताया कि संविदा कर्मचारियों से वार्ता में एक सप्ताह में मानदेय दिलाने के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। इस दौरान आठ घंटे तक सप्लाई ठप रही। कर्मचारी अपने-अपने उपकेंद्र पर लौट रहे हैं। शीघ्र ही सभी जगह सप्लाई बहाल हो जाएगी।
रूट बदल कर बहाल कराई आपूर्ति
तमकुहीरोड। विरवट कोन्हवलिया गांव में पेड़ों की टहनियों को कटवाकर और रूट बदलकर आपूर्ति बहाल कराई गई।
एपी बांध के किनारे बसे विरवट कोन्हवलिया में पहले बेंदूपार और बाकखाश के रास्ते बिजली आपूर्ति होती थी। रास्ते में कई जगह पेड़ों की टहनियां हाईटेंशन के तारों के पास पहुंच गई थीं। बार-बार ब्रेक डाउन हो जाता था। इस गांव के लोग प्राय: अपना कनेक्शन नजदीक के गांव गौराहा से जोड़ने की मांग कर रहे थे। बिजली विभाग ने गांव के गौतम सिंह, बबलू प्रसाद, संजय सिंह, अंशू सिंह, रबामाकांत सिंह, लालजी कुशवाहा, पप्पू सिंह आदि की मदद से न केवल हाईटेंशन के तारों पर लटके पेड़ों की टहनियों को तो कटवाया ही, गांव का कनेक्शन गौराहा गांव से जोड़ कर आपूर्ति शुरू करा दी है। इससे पांच दिन से लगातार बिजली से वंचित लोगों को राहत मिल गई है। जेई यशवंत सिंह कुशवाहा ने बताया कि गांव वालों की मांग पर रूट बदल दिया गया है। इससे गांव को अब सीधे बिजली मिलने लगी है।